हरियाणा पंचायत मंत्री का बड़ा ऐलान, अब किसानों को मिलेगा 15,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा
Apr 16, 2026 4:48 PM
पानीपत। हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार शनिवार को पानीपत के बुआना लाखू गांव पहुंचे, जहां पिछले दिनों भीषण अग्निकांड ने 32 किसानों की मेहनत को राख में बदल दिया था। जलकर काली पड़ चुकी करीब 85 एकड़ गेहूं की फसल का मुआयना करते हुए मंत्री ने न केवल किसानों को सांत्वना दी, बल्कि आर्थिक मदद का एक नया पैमाना भी तय कर दिया। पंवार ने साफ किया कि अब किसानों को पुरानी दरों के बजाय सीधे 15,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाएगा।
मुआवजे पर राजनीति और आंकड़ों का जवाब
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंवार ने कहा कि एक समय था जब किसानों को महज 7,000 रुपये थमा दिए जाते थे। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने इसे पहले 12,000 किया और अब बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड़ कर दिया है। परिसीमन और जनगणना पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2011 के बाद की प्रक्रिया में देरी का एकमात्र कारण कोविड-19 वैश्विक महामारी थी। उन्होंने बड़ा ऐलान किया कि साल 2026 में नई जनगणना की प्रक्रिया को अमली जामा पहनाया जाएगा, जिससे विकास योजनाओं का खाका और सटीक बनेगा।
सोनीपत की चुनावी बिसात: 'बायो-डेटा' ही तय करेगा टिकट
सोनीपत नगर निगम चुनाव के प्रभारी के तौर पर पंवार अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि वे जल्द ही सोनीपत के जमीनी कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे। टिकट वितरण को लेकर उन्होंने पार्टी का स्टैंड साफ कर दिया—"पार्टी किसी सिफारिश पर नहीं, बल्कि केवल 'विनिंग कैंडिडेट' पर दांव खेलेगी।" उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के बायो-डेटा का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाएगा और जिसकी पकड़ जनता के बीच मजबूत होगी, वही चुनावी समर में उतरेगा।
वाड्रा और भ्रष्टाचार पर 'नो टॉलरेंस'
रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी जांच और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर पंवार की तेवर सख्त दिखे। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि देश का कानून किसी का चेहरा देखकर काम नहीं करता। मंत्री ने जोर देकर कहा, "चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, यदि जांच की आंच उन तक पहुंचती है और नाम सामने आता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।" पंवार के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जिसे आने वाले दिनों में और कड़े फैसलों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।