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जुलाना के साथ सौतेला व्यवहार बंद करे सरकार: मुख्य बाजार की बदहाली पर भड़के कांग्रेस प्रवक्ता मोहित लाठर

May 31, 2026 5:44 PM

जींद (दलेर सिंह)। जुलाना विधानसभा क्षेत्र के विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगने और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर अब सियासी पारा चढ़ने लगा है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मोहित लाठर ने सत्तासीन भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि सरकार राजनीतिक मतभेदों के चलते जुलाना की जनता को सजा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में जुलाना के हिस्से में कोई बड़ा या उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं आया है, जिससे स्थानीय लोगों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है।

लाठर ने जुलाना के मुख्य बाजार की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि यह व्यापारिक केंद्र आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बरसात हो या न हो, बाजार में जलभराव की समस्या साल के बारह महीने बनी रहती है। गंदे पानी के ठहराव से न केवल दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि खरीदारी करने आने वाले राहगीरों और स्थानीय नागरिकों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है।

पंचायत मंत्री से मिलकर उठाएंगे शादीपुर का मुद्दा

इस समस्या के तकनीकी और प्रशासनिक पहलू को उजागर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य बाजार का यह प्रभावित हिस्सा शादीपुर ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। प्रशासन की सुस्ती के कारण इस ड्रेनेज सिस्टम को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। मोहित लाठर ने कहा कि वे इस गंभीर जनहित के मुद्दे को लेकर बहुत जल्द प्रदेश के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार से मुलाकात करेंगे और उनसे जुलाना के दुकानदारों को इस नारकीय स्थिति से निजात दिलाने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की मांग करेंगे।

"करोड़ों का ऑडिटोरियम मंजूर, पर बेटियों के लिए कॉलेज नहीं"

सरकार के नीतिगत फैसलों पर हमला बोलते हुए मोहित लाठर ने जुलाना को उपमंडल (सब-डिवीजन) का दर्जा दिए जाने की घोषणा को महज एक राजनीतिक शिगूफा करार दिया। उन्होंने कहा कि ढोल-नगाड़े बजाकर उपमंडल की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी स्थानीय जनता को उपमंडल स्तर के अधिकारियों और सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

इतना ही नहीं, उन्होंने शहर में बने विशाल ऑडिटोरियम के औचित्य पर भी सवाल उठाए। लाठर ने कहा, "जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये फूंककर एक बड़ी इमारत (ऑडिटोरियम) तो खड़ी कर दी गई, लेकिन सरकार की प्राथमिकताएं उल्टी हैं। अगर इसी भारी-भरकम बजट का इस्तेमाल इलाके में एक महिला महाविद्यालय (गर्ल्स कॉलेज) स्थापित करने के लिए किया जाता, तो ग्रामीण अंचल की हमारी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और उनका भविष्य सुरक्षित होता।"

'जातिवादी राजनीति' और भेदभाव का आरोप

भाजपा की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जुलाना के लोग हमेशा से स्वाभिमानी रहे हैं और उन्होंने जाति-पात से ऊपर उठकर विकास और जनहित की राजनीति को तरजीह दी है। चूंकि भाजपा की ध्रुवीकरण और जातिवादी राजनीति इस जागरूक क्षेत्र में कामयाब नहीं हो पाई, इसीलिए सरकार विकास के बजट और संसाधनों के आवंटन में जुलाना की अनदेखी कर रही है।

अपने दावों को मजबूती देते हुए लाठर ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में कभी भी हलके के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार नहीं हुआ। कांग्रेस शासन के दौरान ही जुलाना को कॉलेज, आधुनिक सुविधाओं से लैस नया अस्पताल, नई तहसील और किसानों के लिए नई अनाज मंडी जैसी बड़ी परियोजनाएं मिली थीं, जिनका सीधा लाभ आज भी जनता उठा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत प्रभाव से द्वेषभावना की राजनीति को छोड़कर जुलाना को प्रदेश के अन्य हलकों के समान संसाधन और विकास के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।

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