जज, DSP और अब UPSC चयन… पानीपत के इस परिवार की नई उपलब्धि
Mar 08, 2026 3:22 PM
पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले से शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक खबर सामने आई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में पानीपत की रहने वाली कीर्ति ने 304वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के बाद उनके घर में जश्न का माहौल है और पूरे जिले में उनकी मेहनत और लगन की चर्चा हो रही है।
कीर्ति की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उनके परिवार में पहले से ही कई सदस्य सरकारी सेवा में हैं। अब जज और DSP के बाद परिवार में UPSC चयन ने पानीपत के युवाओं के लिए नई प्रेरणा पैदा की है।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
कीर्ति ने बताया कि UPSC की राह उनके लिए आसान नहीं रही। उन्होंने चौथे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। पहले के प्रयासों में जब असफलता मिली तो वह काफी निराश हुई थीं, लेकिन उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी।
उन्होंने अपनी निराशा को ही ताकत बनाया और दोगुनी मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखी। लगातार अभ्यास और धैर्य के बाद आखिरकार उन्हें UPSC में सफलता मिल गई।
परिवार में पहले से सेवा और शिक्षा का माहौल
कीर्ति ऐसे परिवार से आती हैं जहां शिक्षा और सरकारी सेवा को हमेशा प्राथमिकता दी गई है। उनके पिता जोगिंद्र सिंह रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। माता मंजू रानी काबड़ी गांव के सरकारी स्कूल में हिंदी की अध्यापिका हैं।
उनके भाई आशीष गृह मंत्रालय में DSP के पद पर तैनात हैं। भाभी मुनमुन चौधरी गुरुग्राम में जज के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी छोटी बहन सुकीर्ति कुरुक्षेत्र के आदेश मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई कर रही हैं।
पावरग्रिड में लीगल ऑफिसर रहते हुए की तैयारी
कीर्ति पिछले दो साल से पावरग्रिड में लीगल ऑफिसर के रूप में काम कर रही हैं। नौकरी के साथ UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समय का सही प्रबंधन करते हुए पढ़ाई जारी रखी।
उनका कहना है कि उनका लक्ष्य हमेशा भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनना रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी।
माता-पिता ने हर मुश्किल में दिया साथ
कीर्ति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें असफलता मिली, माता-पिता ने उन्हें टूटने नहीं दिया।
कीर्ति के अनुसार, परिवार का भरोसा और प्रेरणा ही उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती रही। उसी समर्थन के कारण वह लगातार प्रयास करती रहीं और आखिरकार उन्हें सफलता मिली।
जनसेवा को बताया असली लक्ष्य
कीर्ति का कहना है कि UPSC में रैंक हासिल करना उनके सफर की शुरुआत है। उनका असली लक्ष्य जनसेवा करना है और प्रशासनिक जिम्मेदारी के माध्यम से समाज के लिए काम करना है।
उन्होंने कहा कि वह अपने कार्य के जरिए समाज के वंचित वर्गों की मदद करना चाहती हैं और देश के विकास में योगदान देना चाहती हैं।