भाजपा नेता पर हमला या भ्रष्टाचार की जंग? पानीपत में आरोपी सुपरवाइजर ने खोले कई राज
Apr 04, 2026 3:51 PM
पानीपत। पानीपत के वार्ड-17 की पार्षद रजनी गुप्ता के पति सुरेंद्र गर्ग पर हुए हमले की कहानी अब 'आरोप-प्रत्यारोप' की जंग में तब्दील हो गई है। जहां एक तरफ भाजपा खेमा इस हमले को जानलेवा बताकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, वहीं मुख्य आरोपी सुपरवाइजर मोहित ने अस्पताल के बेड से एक ऐसा बयान जारी किया है जिसने शहर की राजनीति में खलबली मचा दी है। मोहित का दावा है कि यह महज काम की लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे 'रिश्वत' और 'निजी स्वार्थ' की लंबी कहानी है। फिलहाल, हमले में गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र गर्ग की आंख की रोशनी पर खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते शनिवार सुबह उन्हें दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल ले जाया गया है।
आरोपी का पलटवार: "पार्षद को देनी पड़ती थी 20 हजार की रिश्वत"
पकड़े जाने के डर से भागने के बजाय मुख्य आरोपी मोहित ने खुद को भी घायल बताया है। उसने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि वह पार्षद को हर महीने 20 हजार रुपये की 'मंथली' देता था। मोहित के अनुसार, "पिछले महीने जब मैंने पैसे नहीं दिए, तो दबाव बनाया जाने लगा। पार्षद पति मुझसे अपनी निजी फैक्ट्री के लेबर क्वार्टर की सफाई भी जबरन करवाते थे।" मोहित का आरोप है कि शुक्रवार को उसे बातचीत के बहाने दफ्तर बुलाया गया, जहां उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मारपीट की गई। उसने दावा किया कि जब उसने अपने परिवार को फोन किया, तब जाकर बचाव में हाथापाई हुई।
एम्स में होगी सर्जरी, मेयर ने दी चेतावनी
सुरेंद्र गर्ग की सेहत को लेकर डॉक्टरों की रिपोर्ट चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान उनकी आंख की पुतली पूरी तरह फट गई है और अंदरूनी हिस्सा काफी डैमेज हुआ है। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर अब उनकी सर्जरी करेंगे। इस बीच, पानीपत की मेयर कोमल सैनी भी इस मामले में खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने आरोपी के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि सुपरवाइजर के काम को लेकर जनता में भारी रोष था। मेयर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "शहर की सफाई व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जो काम नहीं करेगा, उसे बदला भी जाएगा और हटाया भी।"
जांच के घेरे में 'मंथली' और 'मारपीट' की थ्योरी
पुलिस के लिए अब यह मामला दोतरफा चुनौती बन गया है। एक तरफ भाजपा नेता पर हुआ जानलेवा हमला है, जिसकी पुष्टि उनके जख्म कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ एक कर्मचारी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि यह साफ हो सके कि दफ्तर में पहले हमला किसने किया। क्या वाकई यह केवल काम से हटाने का गुस्सा था या फिर परदे के पीछे 'मंथली' के लेन-देन का कोई काला सच छिपा है? पानीपत पुलिस जल्द ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने का दावा कर रही है।