पानीपत किडनैपिंग ड्रामा: शिक्षिका का अपहरण कर ले गए बदमाश, रास्ते में नाम पूछा और फिर बॉर्डर पर छोड़ा
Mar 26, 2026 4:53 PM
पानीपत। पानीपत के समालखा इलाके में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए कार सवार बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार सुबह जब एक 24 वर्षीय शिक्षिका रोज की तरह अपने निजी स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, तभी हथवाला रोड पर घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, बरेजा कार से उतरे दो युवकों ने उसे जबरन गाड़ी के भीतर खींच लिया। सरेआम हुई इस किडनैपिंग से इलाके में दहशत फैल गई, लेकिन इस अपहरण का अंत किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा।
'गलत पहचान' ने बचाई जान! बदमाशों के निशाने पर थी कोई और युवती
हथवाला रोड से अगवा करने के बाद बदमाश शिक्षिका को लेकर जीटी रोड के रास्ते दिल्ली की तरफ तेज रफ्तार में भागे। दहशत में डूबी शिक्षिका ने जब विरोध करना चाहा, तो बदमाशों ने उससे उसका नाम पूछा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही युवती ने अपना नाम बताया, बदमाशों के होश उड़ गए। उन्हें अहसास हुआ कि वे जिस 'टारगेट' को उठाने आए थे, यह वह लड़की नहीं है। महज 10 मिनट के भीतर ही बदमाशों ने शिक्षिका को हलदाना बॉर्डर के पास सड़क किनारे उतारा और दिल्ली की ओर रफूचक्कर हो गए।
पुलिस खंगाल रही है 'सफेद बरेजा' की कुंडली
बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद बदहवास शिक्षिका ने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही समालखा पुलिस और चौकी प्रभारी अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शिक्षिका के पिता की शिकायत पर अज्ञात कार सवारों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम अब हथवाला रोड से लेकर हलदाना बॉर्डर तक लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस सफेद रंग की बरेजा कार का नंबर और बदमाशों की पहचान पुख्ता की जा सके।
दहशत में ग्रामीण, सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-दिहाड़े एक कामकाजी महिला का सड़क से उठा लिया जाना पुलिस गश्त के दावों की पोल खोलता है। हालांकि, पुलिस का यह तर्क कि 'बदमाश किसी और को उठाने आए थे', मामले को और पेचीदा बना रहा है। सवाल यह है कि बदमाशों के असली निशाने पर कौन था और क्या वे अब भी इलाके में किसी और वारदात की फिराक में हैं? फिलहाल, शिक्षिका सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है, लेकिन समालखा के लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष और डर बना हुआ है।