अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज: बोले—बब्बर शेर होते तो हर चुनाव में ढेर न होते राहुल
Apr 15, 2026 2:32 PM
अंबाला। अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। राहुल गांधी द्वारा खुद को 'बब्बर शेर' बताए जाने और प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विज ने कहा कि यह शेर की नहीं, बल्कि हार की हताशा है। विज ने तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी न जाने कितने चुनाव हार चुके हैं। अगर वह वाकई बब्बर शेर होते, तो आज हर प्रदेश में इस तरह ढेर न हो रहे होते।
"बीजेपी 365 दिन मैदान में, विपक्ष सिर्फ मौसम वैज्ञानिक"
आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर मचे सियासी घमासान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों की आहट सुनकर सक्रिय होती हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता साल के 365 दिन जनता के बीच रहता है। विज ने दावा किया कि आगामी निगम चुनावों में भी जनता विकास कार्यों और पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगाएगी। अंबाला समेत पूरे प्रदेश में 'कमल' खिलने का भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष के खोखले वादों के झांसे में आने वाली नहीं है।
परिसीमन: "संवैधानिक प्रक्रिया पर सियासत ठीक नहीं"
प्रदेश में वार्डों के परिसीमन (Delimitation) को लेकर उठ रहे विवादों पर अनिल विज ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने इसे एक शुद्ध संवैधानिक और तकनीकी प्रक्रिया करार दिया। विज के मुताबिक, परिसीमन का एकमात्र उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों में संतुलन बनाना है ताकि हर नागरिक को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निष्पक्ष तरीके से चल रही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देने वाली इस प्रक्रिया पर राजनीति करना बेमानी है।
तबादलों पर मचे बवाल पर विज की दो-टूक सफाई
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अनिल विज के विभागों में तबादलों को लेकर एक 'चिट्ठी' खूब वायरल हो रही थी, जिसमें सीधी नियुक्तियों और ट्रांसफर पर आपत्ति जताई गई थी। इस पर स्थिति साफ करते हुए विज ने कहा, "इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मेरा स्टैंड बहुत स्पष्ट है—नियम के मुताबिक विभाग में कोई भी तबादला विभागीय मंत्री के संज्ञान में होना चाहिए।
विज ने खुलासा किया कि उन्हें कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जहाँ स्थापित नियमों को दरकिनार कर सीधे फाइलें आगे बढ़ा दी गई थीं। इसी को देखते हुए उन्होंने लिखित निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में हर प्रक्रिया तय सिस्टम के तहत ही हो। विज ने कड़े लहजे में कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।