Arjun Chautala : काकरोच जनता पार्टी' के पहले विधायक बने अर्जुन चौटाला! बीजेपी ने बयान पर कसा तीखा तंज
May 23, 2026 2:50 PM
हरियाणा। हरियाणा की सियासत में बयानों के तीर चलना आम बात है, लेकिन रानियां विधानसभा सीट से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला ने इस बार एक ऐसा दावा कर दिया है जिससे पूरी राजनीति गर्मा गई है। अर्जुन चौटाला ने एक सार्वजनिक मंच से खुद को 'काकरोच जनता पार्टी' का पहला विधायक बता दिया। विधायक के इस अजीबोगरीब दावे के बाद विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान को हाथों-हाथ लेते हुए इनैलो की अंदरूनी कलह और उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल दाग दिए हैं।
भाजपा का तंज: क्या विधानसभा में कम हो गया इनैलो का एक विधायक?
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने मोर्चा संभालते हुए इनैलो को कटघरे में खड़ा किया है। अरविंद सैनी ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अर्जुन चौटाला के इस आधिकारिक ऐलान के बाद अब सबसे बड़ा तकनीकी और राजनीतिक सवाल यही उठता है कि क्या हरियाणा विधानसभा में इनैलो का एक विधायक कम माना जाए? उन्होंने कहा कि जब कोई विधायक खुद को किसी दूसरी तथाकथित पार्टी का पहला एमएलए घोषित कर रहा हो, तो पार्टी हाईकमान की चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा करती है।
अभय चौटाला से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
अरविंद सैनी ने सीधे इनैलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस मामले पर तुरंत अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि अगर यह कोई मजाक या सियासी स्टंट नहीं है, तो इनैलो को जनता को बताना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी आधिकारिक रूप से इस 'काकरोच जनता पार्टी' के अभियान से जुड़ चुकी है? या फिर उनके विधायक अपनी ही पार्टी की लाइन से अलग होकर किसी व्यक्तिगत एजेंडे पर चल रहे हैं। सैनी ने आरोप लगाया कि इनैलो के विधायकों के ऐसे बयानों से साफ है कि इसके पीछे समाज को गुमराह करने वाली कोई विशेष राजनीतिक मानसिकता काम कर रही है।
'सोशल मीडिया ट्रेंड की प्रयोगशाला बन गई है इनैलो'
भाजपा मीडिया प्रभारी यहीं नहीं रुके, उन्होंने इनैलो की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा की जनता आज यह जानने को उत्सुक है कि क्या इनैलो अब गंभीर राजनीति छोड़कर सिर्फ डिजिटल हथकंडों का हिस्सा बन गई है? उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भोले-भाले युवाओं को भड़काने और गुमराह करने वाले अभियानों को हवा देना किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देता। सैनी ने कहा कि इनैलो को पहले खुद के भीतर यह तय कर लेना चाहिए कि वह एक गंभीर राजनीतिक दल हैं या फिर केवल सोशल मीडिया ट्रेंड सेट करने वाली कोई प्रयोगशाला मॉडल।
अर्जुन चौटाला का अपनी ही पार्टी से उठा विश्वास!
पार्टी के भीतर मची खलबली का जिक्र करते हुए अरविंद सैनी ने कहा कि अर्जुन चौटाला के इस कदम से यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि अब उनका खुद का विश्वास इनैलो की नीतियों और उसके नेतृत्व में नहीं बचा है। यही वजह है कि वे इनैलो के बजाय किसी अन्य मंच की पहचान को तरजीह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की स्वस्थ लड़ाई होनी चाहिए, न कि इस तरह के भ्रामक अभियानों की। अब देखना यह होगा कि इस पूरे विवाद पर इनैलो आलाकमान और खुद अभय चौटाला अपने विधायक के इस बयान का क्या बचाव करते हैं।