Vinesh Phogat Trial: विनेश फोगाट की एशियन चैंपियनशिप ट्रायल में एंट्री, दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI को दिया बड़ा झटका
May 23, 2026 5:34 PM
हरियाणा। पेरिस ओलंपिक के बाद से ही सुर्खियों में बनी रहीं हरियाणा की पहलवान और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट के लिए अदालती मोर्चे से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने विनेश फोगाट को आगामी एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए होने वाले चयन ट्रायल में उतरने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। विनेश द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ लफ्जों में कहा कि खेल भावना और न्याय के सिद्धांत को बरकरार रखने के लिए विनेश जैसी खिलाड़ी को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनने की अनुमति देना बेहद जरूरी है।
रेसलिंग फेडरेशन की चयन नीति को कोर्ट ने बताया भेदभावपूर्ण
इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की कार्यप्रणाली और उसकी चयन नियमावली पर तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि फेडरेशन की मौजूदा नीति पूरी तरह भेदभावपूर्ण नजर आती है। इस नीति में उन प्रतिष्ठित और देश का नाम रोशन करने वाली महिला खिलाड़ियों के करियर पर विचार करने का कोई विवेक या विशेष प्रावधान नहीं रखा गया है, जो मातृत्व अवकाश (मैटर्निटी लीव) के बाद मैट पर वापसी करने की कोशिश कर रही हैं। कोर्ट के इस रुख ने खेल संघों के भीतर खिलाड़ियों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
पारदर्शी होंगे ट्रायल, तैनात रहेंगे स्वतंत्र पर्यवेक्षक
चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह के पक्षपात या विवाद की गुंजाइश को खत्म करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि आगामी एशियाई खेलों के लिए होने वाले इन चयन ट्रायल्स की बकायदा पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के दो स्वतंत्र पर्यवेक्षक भी वहां मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि निष्पक्षता से खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित हो सके।
57 किलोग्राम कैटेगरी में छिड़ेगा महासंग्राम
अदालत के इस फैसले के बाद एशियन चैंपियनशिप के लिए महिला कुश्ती के 57 किलोग्राम भार वर्ग में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो गया है। विनेश फोगाट की इस कैटेगरी में एंट्री होते ही पुराने सियासी और खेल समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। अब मैट पर विनेश का सीधा मुकाबला देश की दो अन्य बेहतरीन पहलवानों—मनीषा और नेहा से होने जा रहा है। खेल विश्लेषकों की मानें तो इस त्रिकोणीय मुकाबले में जो भी बाजी मारेगा, वही एशिया के सबसे बड़े मंच पर तिरंगे का प्रतिनिधित्व करेगा।