नई दिल्ली: कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में शनिवार को दावा किया कि "किसान पुत्र" जगदीप धनखड़ को पिछले साल किसानों की आवाज उठाने के लिए उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र देने के लिए मजबूर किया गया और आज तक उनका विदाई समारोह भी नहीं हुआ। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि इससे प्रधानमंत्री का असली रंग दिखता है। उन्होंने धनखड़ की राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हालिया मुलाकात संबंधी एक पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि किसानपुत्र जगदीप धनखड़ जी को 21 जुलाई 2025 को भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि मोदी सरकार को किसानों के समर्थन में उनकी आवाज़ उठाना रास नहीं आया। और आज तक उनके लिए कोई विदाई समारोह भी आयोजित नहीं किया गया है।


व्यापार समझौते से किसान हो जाएंगे तबाह- कांग्रेस

उन्होंने दावा किया कि इससे प्रधानमंत्री का असली रंग दिखता है, जिन्होंने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते से सहमत होकर लाखों किसानों के हितों के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस व्यापार समझौते से भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। धनखड़ ने पिछले साल संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ही स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हुए चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे।

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