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फिल्मों में मेरे किरदारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी: हेमा मालिनी

Apr 17, 2026 4:54 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके फिल्मी किरदारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है। उन्होंने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही हैं।

फिल्मों में महिलाओं की बदलती भूमिका

हेमा मालिनी ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा था जब फिल्मों में महिलाओं की भूमिका सीमित थी और कई बार पुरुष कलाकार ही महिला किरदार निभाते थे। बाद में मीना कुमारी, नरगिस और मधुबाला जैसी अभिनेत्रियों ने सिनेमा में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि समय के साथ फिल्मों में महिलाओं के किरदार अधिक सशक्त और प्रभावशाली होते गए।

अपने फिल्मी किरदारों का जिक्र

हेमा मालिनी ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म सपनों का सौदागर से की, जिसमें उन्होंने बंजारन की भूमिका निभाई। इसके बाद फिल्म सीता और गीता में उनका ‘गीता’ का किरदार काफी लोकप्रिय हुआ। उन्होंने फिल्म शोले में ‘बसंती’ का किरदार निभाया, जो तांगा चलाकर अपना जीवनयापन करने वाली आत्मनिर्भर महिला थी। इसके अलावा उन्होंने एक फिल्म में पुलिस अधिकारी की भूमिका भी निभाई, जो महिलाओं की सशक्त छवि को दर्शाती है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा

उन्होंने कहा कि उनके कई किरदार ऐसे रहे हैं जिन्होंने खासकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि सिनेमा समाज पर गहरा प्रभाव डालता है और सकारात्मक किरदारों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें केवल अवसर की आवश्यकता है।

महिला सशक्तीकरण पर जोर

हेमा मालिनी ने स्पष्ट कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल कानून बनाने से संभव नहीं है। इसके लिए समाज की सोच में बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर और सम्मान देना चाहिए, तभी वे अपने सपनों को पूरा कर पाएंगी। उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर महिला आरक्षण विधेयकों का समर्थन करें।

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