नीतीश आज राज्यसभा के लिए दाखिल करेंगे नामांकन, एक्स पर पोस्ट लिख किया एलान
Mar 05, 2026 12:52 PM
पटना: जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी गुरुवार को घोषणा की कि वह आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। इस निर्णय के साथ ही वर्ष 2005 से शुरू हुआ उनका लंबा मुख्यमंत्री कार्यकाल समाप्त होने की दिशा में बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार और नए मुख्यमंत्री को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और गुरुवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तय की गई थी।
दो दशक के कार्यकाल का नया मोड़
नीतीश कुमार वर्ष 2005 से बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में केंद्रीय भूमिका निभाते रहे हैं। कई कार्यकालों में सत्ता संभालते हुए उन्होंने राज्य में शासन किया और लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। अब राज्यसभा चुनाव लड़ने का उनका निर्णय बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने लंबे समय तक जनता के भरोसे और समर्थन के कारण ही वह राज्य की सेवा कर सके। उन्होंने बताया कि बिहार आज विकास और गरिमा की नई पहचान प्रस्तुत कर रहा है और यह सब जनता के विश्वास की ताकत से संभव हुआ है।
जनता के समर्थन के लिए जताया आभार
नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दो दशकों से अधिक समय तक उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहा। इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने राज्य के विकास और प्रशासन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जनता के सहयोग से ही राज्य ने विकास के नए मानक स्थापित किए हैं। उनके अनुसार बिहार की प्रगति और सम्मान की नई पहचान इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
चारों सदनों में सदस्य बनने की इच्छा
नीतीश कुमार ने कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बार राज्यसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि राज्यसभा सदस्य बनना उनकी लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा का हिस्सा है। यदि वह निर्वाचित होते हैं तो यह उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाएगा।
नई सरकार को सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा जाने के बाद भी उनका बिहार से संबंध बना रहेगा। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार के निर्माण के लिए वह आगे भी लोगों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उनके अनुसार राज्य की प्रगति के लिए सभी को मिलकर काम करना जरूरी है।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बड़ी जीत मिली थी। ऐसे में यदि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता राज्य की कमान संभाले।
अगर ऐसा होता है तो यह बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक नई स्थिति होगी, क्योंकि हिंदी भाषी राज्यों में बिहार ऐसा राज्य रहा है जहां अब तक भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं रहा। मौजूदा विधानसभा के संख्या बल को देखते हुए नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।