नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस बयान के बाद सियासत तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ किसी अप्रत्याशित घटना की योजना बनाने का आरोप लगाया था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “पूरी तरह झूठ और बकवास” करार दिया है और कहा है कि इस तरह के आरोपों का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सदन में आने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और इसी कारण लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से इस तरह के बयान दिलवाए जा रहे हैं। 


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना करने की योजना का सवाल ही नहीं उठता और यह आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। प्रियंका गांधी ने उस दलील पर भी कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री इसलिए सदन में नहीं आए क्योंकि उनकी सीट के सामने तीन महिला सांसद खड़ी थीं। उन्होंने इस तर्क को बकवास बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लोकसभा अध्यक्ष के पीछे छिप रहे हैं और उनसे इस तरह की बातें बुलवाई जा रही हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।



प्रियंका गांधी का आरोप—स्पीकर से झूठ बुलवा रहे हैं प्रधानमंत्री

संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सदन में आने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और इसी वजह से लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से इस तरह के आरोप लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह झूठ है। इस बात का कोई सवाल ही नहीं है कि प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रत्याशित घटना करने की योजना थी।”



तीन महिला सांसदों के खड़े होने वाले तर्क को बताया बकवास

प्रियंका गांधी ने उस दलील पर भी सवाल उठाए, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री इसलिए सदन में नहीं आए क्योंकि उनकी सीट के सामने तीन महिला सांसद खड़ी थीं। उन्होंने कहा, “यह किस तरह की बकवास बात है। प्रधानमंत्री लोकसभा अध्यक्ष के पीछे छिप रहे हैं और उनसे यह सब बुलवाया जा रहा है।”



क्या कहा था लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में बयान देते हुए कहा था कि कांग्रेस के कई नेता सदन के नेता के आसन के पास पहुंच गए थे और किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देने की मंशा रखते थे। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए।



स्पीकर के चैंबर की घटना को बताया ‘काला धब्बा’

ओम बिरला ने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्य उनके चैंबर में पहुंचे और जिस तरह का व्यवहार किया गया, वैसा लोकसभा के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने इसे संसद की गरिमा पर “काला धब्बा” करार दिया।



महिला सांसदों के व्यवहार पर भी जताई आपत्ति

लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में यह भी कहा कि देश ने देखा है कि किस तरह महिला सदस्य प्रधानमंत्री के बैठने के स्थान तक पहुंची थीं, जो किसी भी तरह से उचित नहीं था। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया।



संसद में टकराव के बाद सियासी बयानबाजी तेज

लोकसभा में हुए इस घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। जहां एक ओर सरकार विपक्ष पर संसदीय मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस इसे प्रधानमंत्री की गैरहाजिरी से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है।

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