नई दिल्ली: सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पांच तेजस हल्के लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इन विमानों में अनुबंध के अनुसार सभी प्रमुख क्षमताएं शामिल हैं और वे परिचालन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।



83 तेजस एमके-1ए के लिए हुआ था 48,000 करोड़ का करार

गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने फरवरी 2021 में भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमान खरीदने को लेकर एचएएल के साथ करीब 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। यह सौदा देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



इंजन आपूर्ति में देरी से प्रभावित हुई डिलीवरी

एचएएल ने बताया कि तेजस विमानों की आपूर्ति में देरी का मुख्य कारण जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन की आपूर्ति समय पर न हो पाना है। कई तय समय सीमाओं के बावजूद इंजन न मिलने से उत्पादन और डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हुआ है।



नौ और विमान तैयार, इंजन मिलते ही होंगे सौंपे

एचएएल की प्रवक्ता ने जानकारी दी कि नौ अतिरिक्त तेजस विमान पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और उनका परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। जैसे ही जीई एयरोस्पेस से इंजन प्राप्त होंगे, इन विमानों को भी तुरंत भारतीय वायुसेना को सौंप दिया जाएगा।



तेजस की क्षमताएं और भूमिका

तेजस एकल इंजन वाला, बहुउद्देशीय हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे उच्च खतरे वाले हवाई वातावरण में प्रभावी ढंग से मिशन पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह विमान वायु रक्षा, समुद्री टोही और आक्रमण जैसी विभिन्न भूमिकाओं में तैनात किया जा सकता है, जिससे वायुसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।



डिजाइन से जुड़ी समस्याओं का तेज़ी से समाधान

एचएएल ने कहा कि डिजाइन और विकास से संबंधित सभी तकनीकी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है। कंपनी भारतीय वायुसेना के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि विमानों की आपूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित की जा सके।



इंजन आपूर्ति को लेकर सकारात्मक संकेत

प्रवक्ता के अनुसार, एचएएल को अब तक जीई से पांच इंजन मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि जीई की ओर से इंजन आपूर्ति की स्थिति अब सकारात्मक है और भविष्य की आपूर्ति एचएएल की उत्पादन योजनाओं के अनुरूप रहने की उम्मीद है।



वित्तीय वर्ष के लक्ष्य पूरे करने का भरोसा

एचएएल ने भरोसा जताया है कि वह चालू वित्तीय वर्ष के लिए तय किए गए उत्पादन और आपूर्ति लक्ष्यों को पूरा कर लेगा। कंपनी ने कहा कि स्वदेशी रक्षा निर्माण को गति देना और वायुसेना की जरूरतों को समय पर पूरा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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