भगवान राम के कार्य में बाधा डालने वालों को उनका हश्र भुगतना पड़ेगा: नितिन नवीन
Mar 26, 2026 7:32 PM
पटना: पश्चिम बंगाल में भगवान राम के भक्तों की कथित पिटाई पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘भगवान राम के कार्य में बाधा डालने वालों को हश्र भुगतना पड़ेगा।’ वह वार्षिक रामनवमी समारोह में भाग लेने के लिए पटना पहुंचे हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राम जन्मभूमि को पुनः प्राप्त करने का संघर्ष 450 वर्षों तक चला। अंततः आपने देखा कि इसके मार्ग में बाधा डालने वालों का क्या हश्र हुआ। जो भी भगवान राम के कार्य में बाधा डालने का प्रयास करेगा, उसका भी वही अंजाम होगा।
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राम भक्तों की कथित पिटाई पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। नवीन ने कहा कि रामनवमी और नवरात्र पश्चिम बंगाल में भी पूरे उत्साह के साथ मनायी जाती हैं तथा वहां रामायण पाठ का आयोजन होता है।
भाजपा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार को पटना में रामनवमी समारोह में लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे और यह आयोजन “ऐतिहासिक” बनेगा। नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से पहले बिहार की राजधानी पटना में इस पर्व के आयोजन का प्रमुख सूत्रधार माना जाता रहा है।
नवीन ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि लोग लाखों की संख्या में यहां आएंगे और इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनेंगे। यह रामनवमी इतिहास रचे। उन्होंने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल सैयद अता हसनैन, अभिनेता अरुण गोविल, सांसद मनोज तिवारी समेत कई प्रमुख हस्तियां शुक्रवार शाम रामनवमी समारोह में शामिल होंगी।
भाजपा नेता ने कहा कि रामनवमी समिति 2010 से प्रतिवर्ष शोभायात्राओं और झांकियों के साथ समारोह आयोजित करती रही है। उन्होंने कहा कि हमने 2010 में आठ शोभायात्राओं से शुरुआत की थी और इस वर्ष कुल 52 झांकियां प्रस्तुत करने की योजना है। यह लोगों की बढ़ती आस्था को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि पूरे शहर में लाखों महावीर ध्वज लगाए गए हैं और उत्सव का माहौल बनाने के लिए सजावटी इलेक्ट्रॉनिक लाइटिंग की गई है। नवीन ने कहा कि विभिन्न राज्यों से कलाकार, बैंड और पारंपरिक वादक समारोह में भाग लेने के लिए पटना पहुंच रहे हैं एवं यह आयोजन देश में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि जैसे आज अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हो चुकी है, वैसे ही बिहार की मां सीता की भूमि सीतामढ़ी भी पटना की रामनवमी जैसे आयोजनों के माध्यम से अपनी पहचान मजबूत करेगी।