दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक में 23 विपक्षी दल एक मंच पर जुटे: यूथ कांग्रेस ने राहुल के खिलाफ लगे पोस्टर हटाए
Jun 08, 2026 3:01 PM
नई दिल्ली: दिल्ली में आज यानी सोमवार को INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विपक्षी राजनीति की दिशा और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। यह बैठक लंबे अंतराल के बाद विपक्षी दलों के शीर्ष नेतृत्व को एक मंच पर लेकर आई।
विपक्षी एकता और रणनीति पर रहा फोकस
बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और संसद तथा राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना रहा। कांग्रेस ने दावा किया कि 23 विपक्षी दल इस बैठक का हिस्सा बने। नेताओं ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों, संसद सत्र और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सामूहिक रुख तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को कम करने और साझा एजेंडा तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
महाराष्ट्र में एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार ने बैठक से पहले कहा कि वर्तमान समय में INDIA ब्लॉक के सभी सहयोगी दलों को एकजुट बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर लगातार बातचीत की जरूरत है और एक बैठक के बाद किसी बड़े फैसले की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। पवार के अनुसार आने वाले समय में कई दौर की बैठकों और चर्चाओं के जरिए गठबंधन अपनी रणनीति को और मजबूत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न दलों के बीच मौजूद मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
खड़गे ने उठाए संविधान और संस्थाओं से जुड़े मुद्दे
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा। खड़गे ने रोजगार, आर्थिक स्थिति और युवाओं से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले भी कई मुद्दों पर संयुक्त रूप से अपनी भूमिका निभाई है और भविष्य में भी इसी तरह समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।
बैठक से पहले दिल्ली की अकबर रोड पर राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर कुछ पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल उठाए गए थे। बाद में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और इन पोस्टरों को हटा दिया। इस घटनाक्रम ने बैठक शुरू होने से पहले राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।
23 दलों की मौजूदगी ने दिया राजनीतिक संदेश
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), वाम दलों और कई क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के जरिए विपक्षी दलों ने साझा मंच पर बने रहने और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की है। आने वाले महीनों में गठबंधन की आगे की रणनीति और बैठकों पर भी सभी की नजर रहेगी।