डीसी अपराजिता के कड़े तेवर, चीका स्टेडियम निर्माण में देरी पर ठेकेदार को लगाया जुर्माना
Jun 08, 2026 6:11 PM
कैथल। कैथल जिला सचिवालय में विकास परियोजनाओं की रफ्तार को लेकर प्रशासनिक अमला उस समय हरकत में आ गया, जब डीसी अपराजिता ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कामकाज की खुद कमान संभाली। मासिक समीक्षा बैठक के दौरान जब एक-एक कर फाइलों के पन्ने पलटे, तो कई अहम प्रोजेक्ट्स में लेटलतीफी की बात सामने आई। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीसी ने साफ कर दिया कि जनता के पैसे और समय की बर्बादी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर नियमित मॉनिटरिंग करने और ठेकेदारों पर नकेल कसने के निर्देश दिए।
चीका स्टेडियम और पूंडरी लाइट प्रोजेक्ट पर गिरी गाज
बैठक में जब चीका में निर्माणाधीन खेल स्टेडियम की प्रगति रिपोर्ट सामने आई, तो पता चला कि निर्माण एजेंसी ने तय शिड्यूल के मुताबिक काम नहीं किया है। प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए डीसी ने न केवल संबंधित एजेंसी पर जुर्माना (पेनल्टी) ठोकने के आदेश दिए, बल्कि सख्त लहजे में कहा कि आगामी दो महीने के भीतर स्टेडियम का निर्माण हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।
इसी तरह जब पूंडरी के लाइट प्रोजेक्ट की बारी आई, तो वहां भी लापरवाही की बानगी देखने को मिली। अधिकारियों ने दलील दी कि 80 फीसदी काम मुकम्मल हो चुका है, लेकिन डीसी ने बचे हुए 20 प्रतिशत काम को लटकाए रखने पर आपत्ति जताई। इसके लिए एक महीने की डेडलाइन मुकर्रर की गई है। वहीं, शहर की सुरक्षा से जुड़ी सीसीटीवी कैमरा परियोजना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि फाइल प्रशासनिक मंजूरी के लिए फिलहाल मुख्यालय स्तर पर लंबित है, जिसे जल्द क्लीयर कराने के प्रयास जारी हैं।
आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए नए टेंडर और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर मंथन
शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को सुधारने के लिए स्वच्छ भारत मिशन और ठोस कचरा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की भी गहन समीक्षा की गई। ग्राउंड रिपोर्ट पेश करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वार्ड स्तर पर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस पर डीसी अपराजिता ने निर्देश दिए कि केवल कागजी कोरम पूरा न किया जाए, बल्कि जनभागीदारी बढ़ाने के लिए आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों में और तेजी लाई जाए। इसके साथ ही शहरों में बढ़ते आवारा कुत्तों की समस्या से निजात पाने के लिए नसबंदी और उन्हें पकड़ने की खातिर नए टेंडर की प्रक्रिया को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए गए।
'फाइलों के अधूरे आंकड़ों के साथ बैठक में न आएं अधिकारी'
प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही तय करते हुए डीसी ने दोटूक शब्दों में कहा कि सीएम विंडो और जनसंवाद जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आम जनता की जो भी शिकायतें लंबित हैं, उनका निवारण प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि भविष्य में होने वाली किसी भी समीक्षा बैठक में वे केवल पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि पूरी तरह अपडेटेड और सटीक आंकड़ों के साथ ही उपस्थित हों।
पत्रकारिता दृष्टिकोण: डीसी का यह सख्त रुख इस बात का संकेत है कि प्रशासनिक स्तर पर अब केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलने वाला। कड़े तेवर और मौके पर पेनल्टी लगाने जैसे कदम निश्चित रूप से सुस्त पड़े सिस्टम में जान फूंकने का काम करेंगे, जिसका सीधा फायदा कैथल की जनता को बेहतर नागरिक सुविधाओं के रूप में मिलेगा।