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'12 साल विश्वास और विकास के': भाजपा लीगल सेल के नेता सुशांत भारती का मूर्तजापुर में जोरदार स्वागत

Jun 08, 2026 6:29 PM

पिहोवा(अभिषेक पूर्णिमा) हरियाणा के सियासी गलियारों में सांगठनिक गतिविधियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी इन दिनों जमीन पर पसीना बहा रही है। इसी कड़ी में पिहोवा के निकटवर्ती गांव मूर्तजापुर में भाजपा के '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' अभियान के तहत एक विशाल ग्रामीण सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा लीगल सेल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और प्रख्यात अधिवक्ता सुशांत भारती ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की। गांव में पहुंचने पर सरपंच जगत सिंह की अगुवाई में स्थानीय निवासियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका नागरिक अभिनंदन किया। इस चौपाल बैठक में बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों के बीच सरकार के पिछले एक दशक से अधिक के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया गया।

'गरीब, किसान और महिला' केंद्रित नीतियों से बदली ग्रामीण भारत की तस्वीर

जमावड़े को संबोधित करते हुए सुशांत भारती ने सरकार की नीतियों को सर्वसमावेशी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन का ही नतीजा है कि आज देश में विकास की बयार केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। भारती ने मंच से बोलते हुए कहा, "भाजपा सरकार की योजनाएं केवल चुनावी घोषणापत्रों की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि वे धरातल पर आम आदमी की जिंदगी में बदलाव ला रही हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के पक्के मकान हों, आयुष्मान भारत का मुफ्त इलाज हो, या फिर हर घर नल से जल का संकल्प—इन सभी ने ग्रामीण परिवेश को एक नया आत्मविश्वास दिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि किसान सम्मान निधि के जरिए सीधे अन्नदाता के खातों में जा रही रकम ने खेती-किसानी को एक बड़ा संबल प्रदान किया है।

डिजिटल गवर्नेंस और बुनियादी ढांचे के विकास पर रहा जोर

अपने संबोधन के दूसरे हिस्से में सुशांत भारती ने व्यवस्था परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई परिभाषा देखी है। बिचौलियों और भ्रष्टाचार के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया गया है, जिससे सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे लाभार्थी को मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, निर्बाध बिजली आपूर्ति और साफ पेयजल की उपलब्धता का हवाला देते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार से आज ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।

गांव की चौपाल पर विकास की चर्चा, सरपंचों की रही मौजूदगी

इस कार्यक्रम के दौरान केवल भाषणों का दौर नहीं चला, बल्कि ग्रामीणों ने भी बेबाकी से अपने विचार रखे। उपस्थित लोगों ने माना कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी तकनीकों से आम नागरिक को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मूर्तजापुर के सरपंच जगत सिंह के अलावा संधोली के सरपंच गयान, सुभाष, बलदेव, जीएस फार्म से सुरेंद्र, लाडी पाल, दिनेश, मंगतराम और सुल्तान सहित इलाके के कई पंच-सरपंच और गणमान्य चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने हाथ उठाकर सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने और संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।

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