Punjab Weather Update: रक्षाबंधन पर पठानकोट में झमाझम बारिश, पंजाब के इन 5 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

रक्षाबंधन पर पठानकोट में झमाझम बारिश, पंजाब के इन 5 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
Punjab Weather Update: पावन पर्व रक्षाबंधन की सुबह पंजाब के सीमावर्ती जिले पठानकोट में झमाझम बारिश के साथ हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, राज्य के अधिकांश इलाकों में मानसूनी हवाओं की सुस्ती बरकरार है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को पठानकोट के अलावा गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रोपड़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, राजधानी चंडीगढ़ में भी दिन भर बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं।
बीते कुछ दिनों से मानसूनी तंत्र कमजोर पड़ने के कारण पूरे पंजाब में पारा तेजी से चढ़ा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2.8 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया जा रहा है। अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 33.3 डिग्री से लेकर 39.9 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिससे लोग चिपचिपाहट भरी गर्मी से बेहाल हैं।
क्यों बदला मौसम? समझिए 5 प्रमुख मौसमी कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में उत्तरी भारत के ऊपर कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिनका मिला-जुला असर पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम पर दिख रहा है:
उत्तर हरियाणा में मौसमी चक्र: उत्तरी हरियाणा के ऊपरी वायुमंडल में एक वेदर सिस्टम बना हुआ है, जिसका सीधा असर पंजाब के पड़ोसी इलाकों पर पड़ रहा है।
अमृतसर-अंबाला के ऊपर मानसून ट्रफ: मुख्य मानसूनी रेखा (मानसून ट्रफ) इस समय अमृतसर और अंबाला से होकर गुजर रही है, जिससे नमी बनी हुई है।
यूपी में लो प्रेशर एरिया: दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Zone) बना हुआ है, जो मैदानी इलाकों की ओर नमी खींच रहा है।
बदला मौसम का रुख: इन प्रणालियों के असर से पंजाब के आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा और कई स्थानों पर गरज के साथ बौछारें गिर सकती हैं।
उत्तरी और पूर्वी पंजाब में ज्यादा हलचल: बारिश की मुख्य गतिविधियां पंजाब के उत्तरी और पूर्वी जिलों (कांडी क्षेत्र) में अधिक देखने को मिलेंगी।
भाखड़ा और पोंग डैम का क्या है ताजा हाल?
बारिश की कम-ज्यादा गतिविधियों के बीच पंजाब के प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत की बात यह है कि भाखड़ा और पोंग—दोनों प्रमुख बांधों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे और सुरक्षित स्थिति में है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,634.61 फीट दर्ज किया गया है। झील में इस समय 32,881 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए 25,717 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बीते दिन के मुकाबले इसके जलस्तर में महज 0.39 फीट की मामूली बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, पोंग डैम का जलस्तर 1,365.88 फीट पर है, जहां 25,476 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 16,405 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिहाज से जलभराव की स्थिति पूरी तरह संतुलित है।
