राजस्थान में आज से बदलेगा मौसम: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी, किसानों के लिए जरूरी चेतावनी
Apr 06, 2026 12:59 PM
Weather Update: राजस्थान में आज (सोमवार, 6 अप्रैल) से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का नया दौर शुरू होगा। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल और अनाज को खुले में न छोड़ें और सुरक्षित स्थान पर रखें। मौसम केंद्र के अनुसार, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में दोपहर बाद एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम में तेजी से बदलाव आएगा।
इन संभागों में दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 6 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है।
7 अप्रैल को सबसे ज्यादा प्रभाव
मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 अप्रैल को इस पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे अधिक रहेगा। इस दिन जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और मध्यम से तेज बारिश होने की भी संभावना है।
कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश के आसार
बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में इस दौरान 20 से 50 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान का खतरा बना रहेगा।
8 अप्रैल को कम होगा असर
मौसम विभाग के अनुसार 8 अप्रैल को बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
9 अप्रैल से मौसम रहेगा शुष्क
9 अप्रैल से अगले 3 से 4 दिनों तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खलिहान, कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे अनाज को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। इससे बारिश और ओलावृष्टि के कारण होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।