Rohtak Car Fire: रोहतक में शीला बाईपास के पास कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान

रोहतक में शीला बाईपास के पास कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान
Rohtak Car Fire: रोहतक शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार शीला बाईपास पुल के नीचे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक खड़ी कार में अचानक भीषण आग भड़क उठी। चंद ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को अपनी आगोश में ले लिया और देखते ही देखते कार लोहे के जलते हुए कंकाल में तब्दील हो गई। राहत की बात यह रही कि कार में स्पार्किंग की गंध आते ही चालक ने फुर्ती दिखाई और समय रहते बाहर निकल आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार चालक जैसे ही शीला बाईपास पुल के पास पहुंचा, उसे गाड़ी के भीतर से स्पार्किंग और धुएं का अहसास हुआ। उसने तुरंत समझदारी दिखाते हुए कार को किनारे रोका और नीचे उतर आया। चालक ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन इंजन से उठी लपटों ने इतनी तेजी से जोर पकड़ा कि देखते ही देखते पूरी कार आग का गोला बन गई।
‘समय पर आती फायर ब्रिगेड तो बच जाती गाड़ी’
हादसे के बाद मौके पर मौजूद चालक के चेहरे पर गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर आक्रोश साफ नजर आया। पीड़ित चालक ने दमकल विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आग लगते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन कर सूचना दे दी गई थी। इसके बावजूद दमकल की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची। चालक का दावा है कि अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ी 5-10 मिनट पहले पहुंच जाती, तो उसकी कार को पूरी तरह स्वाहा होने से बचाया जा सकता था।
घटना के समय शीला बाईपास के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। चालक ने आशंका जताई है कि नई या अच्छी हालत की गाड़ी में इस तरह अचानक स्पार्किंग होना विनिर्माण कंपनी की गंभीर तकनीकी खामी की ओर इशारा करता है। उसने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारू कराया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग को ही आग का प्राथमिक कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस और तकनीकी टीम आग लगने की असली वजहों की पड़ताल में जुटी हुई है।
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