FASTag Online Apply: घर बैठे कैसे बनवाएं FASTag, जानिए पूरा ऑनलाइन प्रोसेस
Jun 12, 2026 1:36 PM
FASTag Online Apply : देशभर में टोल प्लाजा पर FASTag अब लगभग हर वाहन के लिए जरूरी हो चुका है। अगर आपकी गाड़ी पर अभी तक FASTag नहीं लगा है, तो इसे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन के लिए वाहन के दस्तावेज, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर की जरूरत होती है।
मुख्य बिंदु
FASTag RFID तकनीक पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए RC, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर जरूरी हैं।
आवेदन बैंक या अधिकृत FASTag प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा सकता है।
सफल आवेदन के बाद FASTag कुरियर से घर भेजा जाता है और उसे एक्टिवेट कर उपयोग शुरू किया जा सकता है।
देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल भुगतान को तेज और आसान बनाने के लिए FASTag का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा चुका है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो RFID तकनीक के जरिए काम करता है। वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाए जाने वाले इस टैग की मदद से टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और शुल्क सीधे लिंक्ड खाते या वॉलेट से कट जाता है।यही वजह है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे, दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे समेत देश के प्रमुख मार्गों पर FASTag का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इससे यात्रियों का समय बचता है और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों की समस्या भी कम होती है।
FASTag बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है?
ऑनलाइन FASTag आवेदन करने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखना आवश्यक है। इनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वाहन मालिक का आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और वाहन से जुड़ी जानकारी शामिल है।आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इन सभी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी पहले से तैयार रखना बेहतर माना जाता है। इससे फॉर्म भरते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
ऑनलाइन FASTag के लिए आवेदन कैसे करें?
FASTag कई बैंक और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म जारी करते हैं। इच्छुक वाहन मालिक संबंधित बैंक की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत FASTag पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं।सबसे पहले FASTag सेवा उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म पर जाकर आवेदन विकल्प चुनना होता है। इसके बाद नाम, मोबाइल नंबर, वाहन नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होती है। आवेदन के दौरान सभी जानकारियां सही भरना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी की स्थिति में आवेदन अस्वीकार हो सकता है।इसके बाद RC और पहचान पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है। अधिकांश प्लेटफॉर्म पर दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन ही पूरा हो जाता है, जिससे प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
FASTag बनवाने में कितना शुल्क लगता है?
FASTag जारी करने के लिए आमतौर पर टैग शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट और शुरुआती रिचार्ज राशि जमा करनी पड़ सकती है। यह राशि अलग-अलग बैंक या सेवा प्रदाता के अनुसार भिन्न हो सकती है।भुगतान के लिए UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे विकल्प उपलब्ध रहते हैं। भुगतान सफल होने के बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी मानी जाती है।
FASTag मिलने के बाद उसे कैसे एक्टिवेट करें?
आवेदन और भुगतान पूरा होने के बाद FASTag वाहन मालिक के रजिस्टर्ड पते पर कुरियर के माध्यम से भेजा जाता है। कुछ मामलों में टैग पहले से एक्टिव होकर भी आता है।टैग प्राप्त होने के बाद उसे वाहन की फ्रंट विंडस्क्रीन पर निर्धारित स्थान पर चिपकाना होता है। इसके बाद संबंधित बैंक या मोबाइल ऐप के माध्यम से एक्टिवेशन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एक्टिव होने के बाद वाहन चालक बिना नकद भुगतान के देशभर के टोल प्लाजा से आसानी से गुजर सकता है।
FASTag क्यों जरूरी है?
FASTag का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम होने से ईंधन की खपत भी घटती है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान होने के कारण लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनता है।यात्रा के दौरान बार-बार नकद भुगतान की झंझट खत्म होने से लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों और व्यावसायिक वाहनों को भी काफी सुविधा मिलती है।