UPI फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी? ऐसे करें National Cyber Crime Portal पर शिकायत
Feb 27, 2026 5:12 PM
UPI fraud complaint online : देशभर में ऑनलाइन लेन-देन और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने National Cyber Crime Reporting Portal शुरू किया है, जिसे गृह मंत्रालय संचालित करता है। इस पोर्टल के जरिए कोई भी भारतीय नागरिक घर बैठे साइबर धोखाधड़ी, UPI फ्रॉड, बैंकिंग ठगी, OTP स्कैम या सोशल मीडिया के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कर सकता है, ताकि समय रहते पुलिस कार्रवाई शुरू हो सके।
किस तरह के अपराध दर्ज किए जा सकते हैं
इस पोर्टल पर तीन प्रमुख श्रेणियां दी गई हैं Women/Children Related Crime, Financial Fraud और Other Cyber Crime। यदि मामला महिलाओं या बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न का है तो अलग कैटेगरी उपलब्ध है। वहीं बैंक खाते से अवैध ट्रांजैक्शन, UPI ठगी या ई-वॉलेट फ्रॉड Financial Fraud में दर्ज होता है।
Other Cyber Crime में सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी प्रोफाइल, ईमेल स्कैम या संदिग्ध वेबसाइट से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित एजेंसियों को सूचना भेजी जाती है।
शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया
पोर्टल पर ‘File a Complaint’ विकल्प पर क्लिक करने के बाद नागरिक को लॉग-इन करना होता है। इसके लिए मोबाइल नंबर और OTP दर्ज करना अनिवार्य है। पहली बार उपयोग करने वाले नागरिक ‘New User’ विकल्प चुनकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
लॉग-इन के बाद शिकायत की श्रेणी चुननी होती है और घटना का पूरा विवरण भरना होता है। सटीक जानकारी देने से जांच एजेंसियों को कार्रवाई में आसानी होती है।
कौन-कौन सी जानकारी देनी होती है
शिकायत दर्ज करते समय घटना की तिथि और समय, कम से कम 200 अक्षरों में विवरण और पहचान पत्र की सॉफ्ट कॉपी अपलोड करनी होती है। मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, पैन कार्ड या आधार कार्ड jpeg, jpg या png फॉर्मेट में (अधिकतम 5 MB) स्वीकार किए जाते हैं।
अगर मामला वित्तीय धोखाधड़ी का है तो बैंक, वॉलेट या मर्चेंट का नाम, 12 अंकों का ट्रांजैक्शन आईडी या UTR नंबर, लेनदेन की तारीख और ठगी की राशि बतानी जरूरी है। संदिग्ध वेबसाइट URL, सोशल मीडिया हैंडल, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, बैंक खाता नंबर या फोटो जैसी अतिरिक्त जानकारी भी अपलोड की जा सकती है।
समय पर शिकायत क्यों जरूरी है
साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती घंटे बेहद अहम होते हैं। समय पर शिकायत दर्ज होने पर लेनदेन ट्रैक कर रकम फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है। देर होने पर रकम कई खातों में ट्रांसफर होकर ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है।
अगर आप या आपका कोई परिचित साइबर अपराध का शिकार होता है, तो तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर रिपोर्ट दर्ज करें। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ही ऑनलाइन ठगी से बचाव का सबसे असरदार तरीका है।