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Smartphone Overheating: फोन को हीट होने से कैसे बचाएं? 5 गलतियों से पल भर में डैमेज हो जाएगा डिवाइस

Jun 07, 2026 6:52 PM

जैसे-जैसे देश के कई हिस्सों में पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा है, हमारे स्मार्टफोन की स्क्रीन और उसका बैक पैनल भी तवे की तरह सुलगने लगा है। स्मार्टफोन आज के दौर में हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी लिथियम-आयन बैटरी और नैनो-प्रोसेसर एक निश्चित तापमान में ही बेहतर काम करने के लिए बने हैं। जब बाहरी वातावरण का तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, तो फोन के अंदरूनी पार्ट्स पर दबाव दोगुना हो जाता है। ऐसे में टेक एक्सपर्ट्स उन 5 आम लेकिन बेहद खतरनाक गलतियों से बचने की सलाह दे रहे हैं, जिन्हें अक्सर स्मार्टफोन यूजर्स अनजाने में दोहराते हैं।

1. फ्रिज या एसी के सामने रखने का 'शॉर्टकट' पड़ेगा भारी

सोशल मीडिया पर वायरल कुछ रील्स और मीम्स से प्रभावित होकर कई लोग फोन के गर्म होते ही उसे सीधे फ्रिज, फ्रीजर में डाल देते हैं या कार/कमरे के एसी वेंट के ठीक सामने सटाकर रख देते हैं। विज्ञान के नियम के मुताबिक, अचानक अत्यधिक गर्म चीज को अत्यधिक ठंडी जगह पर रखने से 'कंडेनसेशन' (सघनीकरण) होता है। इससे फोन के भीतर बारीक पानी की बूंदें यानी नमी (Moisture) जमा हो जाती है। यह अदृश्य नमी फोन के मुख्य सर्किट बोर्ड (मदरबोर्ड) को पल भर में फूंक सकती है।

2. 'सुलगते' फोन पर गेमिंग और चार्जिंग का दोहरा टॉर्चर

स्मार्टफोन चार्ज होते समय स्वाभाविक रूप से थोड़ा गर्म होता है क्योंकि वह बिजली को केमिकल एनर्जी में बदल रहा होता है। अगर आपका डिवाइस पहले से ही गर्म है और आप उसी वक्त हाई-ग्राफिक्स गेम खेल रहे हैं, लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे हैं या भारी ऐप्स चला रहे हैं, तो आप प्रोसेसर को आग में झोंकने का काम कर रहे हैं। इस स्थिति में बैटरी फूल सकती है और फोन का सॉफ्टवेयर क्रैश हो सकता है।

3. बंद गाड़ी या डिक्की में फोन छोड़ना यानी टाइम बम को न्योता

गर्मियों के दिनों में धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले लगभग दोगुना तक बढ़ जाता है। ऐसे में कार के डैशबोर्ड, सीट या फिर बाइक की डिक्की में फोन को भूलकर छोड़ देना सबसे बड़ी लापरवाही है। सीधी धूप (Direct Sunlight) और वेंटिलेशन न मिलने के कारण फोन का थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम फेल हो जाता है। कई मामलों में फोन की स्क्रीन पिघलने या बैटरी के पूरी तरह डेड होने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं।

4. बैकग्राउंड में चल रहे हैवी ऐप्स का ओवरलोड

जब फोन हीट हो रहा हो, तब भी कई यूजर्स लगातार मल्टीटास्किंग करते रहते हैं। वीडियो एडिटिंग ऐप्स, 4K रिकॉर्डिंग या बैकग्राउंड में एक साथ दर्जनों ऐप्स खुले रखने से प्रोसेसर लगातार 100% क्षमता पर काम करता है। बेहतर यही होगा कि जब फोन गर्म महसूस हो, तो उसे 10 मिनट के लिए पूरी तरह 'रेस्ट' दें, सारे बैकग्राउंड ऐप्स बंद करें और हो सके तो उसका प्रोटेक्टिव कवर (बैक कवर) हटा दें ताकि गर्मी बाहर निकल सके।

5. चंद पैसों की बचत और लोकल चार्जर का बड़ा नुकसान

बाजार में मिलने वाले सस्ते, लोकल और गैर-प्रमाणित (Non-certified) चार्जर और केबल स्मार्टफोन के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन चार्जर्स में पावर कट या वोल्टेज कंट्रोल की चिप नहीं होती। नतीजतन, ये फोन को जरूरत से ज्यादा करंट सप्लाई करते हैं, जिससे फोन चार्जिंग के दौरान ही उबलने लगता है। हमेशा ध्यान रखें कि फोन चाहे पुराना हो या नया, उसे हमेशा कंपनी के ओरिजिनल या किसी नामी ब्रांड के प्रमाणित चार्जर से ही चार्ज करें।

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