August 24, 2026

Foreign Couples Marriage: उज्जैन में अनोखी शादी: इटली, स्पेन और इंग्लैंड के 3 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मान लिए सात फेरे

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Foreign Couples Marriage: उज्जैन में अनोखी शादी: इटली, स्पेन और इंग्लैंड के 3 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मान लिए सात फेरे

उज्जैन में अनोखी शादी, इटली, स्पेन और इंग्लैंड के 3 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मान लिए सात फेरे

Foreign Couples Marriage: बाबा महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में भारतीय संस्कृति की अविरल धारा और सनातन जीवन मूल्यों की एक बेहद सुंदर तस्वीर देखने को मिली। सात समंदर पार से आए तीन विदेशी जोड़ों ने पश्चिमी तौर-तरीकों को छोड़कर वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। इंदौर रोड स्थित निनोरा के वैलनेस रिट्रीट पार्क में आयोजित इस अनूठे विवाह समारोह में हल्दी और मेहंदी से लेकर धूमधाम से बारात निकालने तक की सभी पारंपरिक रस्में निभाई गईं।

योग और अध्यात्म की सीख से प्रभावित होकर लिया फैसला

यह पूरा आयोजन परमानंद योग आश्रम के योग गुरु डॉ. ओमानंद महाराज के मार्गदर्शन और पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। डॉ. ओमानंद महाराज ने बताया कि योग और अध्यात्म के सिलसिले में विदेशों में उनके कई शिष्य जुड़े हुए हैं। वे नियमित रूप से उन्हें भारतीय दर्शन और दांपत्य जीवन की पवित्रता के बारे में बताते रहते हैं। इसी आध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित होकर इटली, स्पेन और इंग्लैंड के इन जोड़ों ने भारत आकर सनातन धर्म के अनुसार परिणय सूत्र में बंधने की इच्छा व्यक्त की थी।

शादी से पहले हुआ नामकरण, दिए गए पवित्र नाम

वैदिक रीति से विवाह संपन्न कराने से पूर्व सभी तीनों युगल का बाकायदा नामकरण संस्कार किया गया और उन्हें नए सनातन नाम दिए गए:

पहला जोड़ा (इटली): दूल्हे मास्सिमिलियानो को ‘बलराम आनंद’ और दुल्हन ईवा को ‘दर्पण आनंद’ नाम मिला।

दूसरा जोड़ा (इटली): दूल्हे लुका को ‘राम आनंद’ और दुल्हन जेसिका को ‘मां सीता आनंद’ का नाम दिया गया।

तीसरा जोड़ा (स्पेन व इंग्लैंड): इंग्लैंड के दूल्हे मार्क को ‘प्रकाशानंद’ और स्पेन की दुल्हन इन्मा को ‘मां शांति आनंद’ नाम दिया गया।

‘कानूनी अनुबंध नहीं, यह तो जन्मों का बंधन है’

विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ों और उनके साथ आए विदेशी मेहमानों का उत्साह देखने लायक था। डॉ. ओमानंद महाराज ने कहा, “पश्चिमी देशों में विवाह को अक्सर एक कानूनी समझौता (लीगल कॉन्ट्रैक्ट) माना जाता है, जो छोटी-छोटी बातों पर टूट जाता है। इसके विपरीत सनातन संस्कृति में विवाह दो आत्माओं का ऐसा पवित्र मिलन है, जो जीवन भर निभाया जाता है।”

समारोह के दौरान दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन पूरी तरह से भारतीय परिधानों (कुर्ता-पायजामा, शेरवानी और साड़ी) में रंगे नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप और भारतीय भजनों की धुन पर विदेशी मेहमानों ने जमकर नृत्य किया और इस पावन पल को अपने जीवन का सबसे स्मरणीय क्षण बताया।

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