Search

विधानसभा चुनाव: बंगाल के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग, कड़ी सुरक्षा के बीच मतदाता जारी, चुनाव आयोग सख्त

May 02, 2026 9:40 AM

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार सुबह 7 बजे से 15 बूथों पर दोबारा मतदान शुरू हुआ, जहां पहले चरण में हिंसा और EVM से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। डायमंड हार्बर के 4 और मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों पर मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। चुनाव आयोग ने इन बूथों पर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुनर्मतदान का निर्णय लिया था। राज्य में पहले ही दो चरणों में कुल 92.84% मतदान दर्ज किया गया है और अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं। दक्षिण 24 परगना के मगरहाट पश्चिम क्षेत्र के बहिरपुया कुरकुरिया एफ.पी. स्कूल स्थित पोलिंग बूथ नंबर 230, 231 और 232 पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। स्थानीय लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए। यहां तृणमूल कांग्रेस के शमीम अहमद, भाजपा के गौरसुंदर घोष और कांग्रेस के अब्दुल मजीद हलदर के बीच सीधा मुकाबला है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन बूथों पर हिंसा या मशीन से छेड़छाड़ की शिकायतें मिलीं, वहां निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि दोबारा मतदान का उद्देश्य मतदाताओं का भरोसा कायम रखना है। सभी 15 बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार रिकॉर्ड 92.84% मतदान हुआ है। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19% वोटिंग दर्ज की गई थी, जबकि 29 अप्रैल को दूसरे चरण की 142 सीटों पर 92.48% मतदान हुआ। यह आंकड़े राज्य में उच्च राजनीतिक जागरूकता और मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

इस बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। श्यामपुकुर सीट से भाजपा उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और मंत्री शशि पांजा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। वहीं कोलकाता के जोरासांको सीट से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा ने स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। दक्षिण 24 परगना सहित पूरे राज्य में पुनर्मतदान के बाद राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। प्रशासन का फोकस शांतिपूर्ण प्रक्रिया पूरी कराने पर है, जबकि पार्टियां परिणामों से पहले अपनी रणनीति मजबूत कर रही हैं। अब 4 मई को आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि जनता ने किसे सत्ता की कमान सौंपने का फैसला किया है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!