दिल्ली मेट्रो का मेगा विस्तार: 7 नए रूट, 65 स्टेशन और 48000 करोड़ का बजट, जानें अपने इलाके का हाल
May 04, 2026 4:11 PM
दिल्ली। राजधानी दिल्ली के उन इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी है जो अब तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन के लिए तरस रहे थे। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मेट्रो विस्तार के बहुप्रतीक्षित '5B प्रोजेक्ट' को मंजूरी दे दी है। इस महापरियोजना के तहत दिल्ली के उन ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ा जाएगा, जहां वर्तमान में कनेक्टिविटी का बड़ा अभाव है। सरकार का दावा है कि इस नए विस्तार के बाद दिल्ली का कोई भी हिस्सा मेट्रो की पहुंच से दूर नहीं रहेगा। करीब 97 किलोमीटर लंबे इस नए जाल में 65 आधुनिक स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं।
नजफगढ़ से नरेला तक: बदल जाएगी दिल्ली की तस्वीर
मेट्रो विस्तार के इस चरण में सबसे ज्यादा जोर बाहरी दिल्ली और नई विकसित कॉलोनियों पर दिया गया है। 'धांसा बस स्टैंड से नांगलोई' रूट के जरिए नजफगढ़ और उसके आसपास के गांवों को सीधे ग्रीन लाइन से जोड़ने की तैयारी है, जिससे बक्करवाला और बापरोला जैसे क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 'समयपुर बादली से नरेला' कॉरिडोर को नरेला एजुकेशन हब और वहां बने हजारों डीडीए फ्लैट्स के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है। इन रूटों के तैयार होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली के लिए नए विकल्प
प्रोजेक्ट में दक्षिणी दिल्ली के वीआईपी और घनी आबादी वाले इलाकों का भी खास ख्याल रखा गया है। 'सेंट्रल सेक्रेट्रिएट से किशनगढ़' और 'जोरबाग से साकेत G ब्लॉक' जैसे रूटों के जरिए वसंत कुंज और साकेत के भीतरी हिस्सों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे लोगों की ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। पूर्वी दिल्ली में 'शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3' कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण लिंक साबित होगा, जो कोंडली और पटपड़गंज की घनी आबादी को सीधे कश्मीरी गेट की ओर जाने के लिए छोटा और सुलभ रास्ता प्रदान करेगा।
2029 तक पूरा होगा पहला चरण, कैबिनेट मुहर का इंतजार
मुख्यमंत्री और DMRC के बीच हुई हाई-लेवल बैठक के बाद इस प्रोजेक्ट की गति तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, कुल 7 कॉरिडोर में से 4 को प्राथमिकता के आधार पर साल 2029 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इनकी डीपीआर (DPR) तैयार हो चुकी है और जल्द ही कैबिनेट की औपचारिक मुहर के बाद केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मांगी जाएगी। मेट्रो के इस पांचवें चरण के विस्तार से न केवल दिल्ली की इकोनॉमी को रफ्तार मिलेगी, बल्कि लाखों डेली पैसेंजर्स का कीमती समय भी बचेगा।