आज मतदान का अधिकार छीना जा रहा है, अगली बार वे नागरिकता भी छीन लेंगे: ममता बनर्जी
Mar 25, 2026 5:14 PM
मैनागुड़ी: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर बुधवार को तीखा हमला करते हुए उनपर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने यह चेतावनी दी कि उनका अगला कदम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के जरिये नागरिकता छीनने का प्रयास हो सकता है।
बनर्जी ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत राजनीतिक रूप से अहम उत्तर बंगाल से करते हुए यह टिप्पणी की। उत्तर बंगाल एक ऐसा क्षेत्र है जो 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ बनकर उभरा है।
जलपाईगुड़ी जिले के मैनागुड़ी क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से संवैधानिक संस्थानों का उपयोग लोगों के मतदान के अधिकारों को छीनने के लिए किया जा रहा है।
बनर्जी ने चुनाव से पहले अपनी पहली बड़ी चुनावी रैली में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार संविधान का पालन नहीं कर रहे और मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें मध्यरात्रि को आजादी मिली थी और हमें इस पर गर्व है, लेकिन आज वे आजादी को भूल गए हैं। वे संविधान या लोकतंत्र का पालन नहीं कर रहे हैं। वे लोगों के मतदान के अधिकार छीन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज वे मतदान के अधिकार छीन रहे हैं; कल वे एनआरसी लाकर नागरिकता छीन लेंगे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से राजबंशी और महिलाओं के साथ-साथ कई समुदाय प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन आधार बनाने वाली महिला मतदाताओं को लामबंद करने का प्रयास करते हुए कहा कि राजबंशियों के नाम एसआईआर के जरिये हटा दिए गए हैं। महिलाओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं। एक महिला का नाम हटाना, पूरे महिला वर्ग का नाम हटाने के समान है।
बनर्जी ने दावा किया कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया ने पहले ही लोगों के बीच परेशानी पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि नवंबर में अभियान शुरू होने के बाद से बंगाल में एसआईआर के कारण 220 लोगों की मौत हो चुकी है। आज उनकी आत्माएं विलाप कर रही हैं। भाजपा को यह याद रखना चाहिए, उन्हें जवाब देना होगा।
लंबे समय से यहां रह रहे लोगों को भाजपा द्वारा विदेशी करार दिये जाने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा कि इस धरती पर इतने लंबे समय तक रहने के बाद आप हमें विदेशी कह रहे हैं और हमसे हमारी नागरिकता साबित करने को कह रहे हैं। पहले आप साबित कीजिए कि आप इस देश के नागरिक हैं, फिर जनता को चुनौती दीजिए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिये बिना बनर्जी ने जनसभा में उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे यहां मौजूद सज्जन और दिल्ली में बैठे दोनों सज्जनों को विदा करें।
विशेष रूप से जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूच बिहार में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त बढ़त के बाद से उत्तर बंगाल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच एक प्रमुख रणक्षेत्र रहा है। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में अधिकतर सीट पर जीत हासिल की और राजबंशी जैसे समुदायों के बीच एक मजबूत संगठनात्मक आधार बनाया।
इसी पृष्ठभूमि में बनर्जी ने जहां तीखे राजनीतिक हमले किए, वहीं उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख समर्थक समूहों को कल्याणकारी संदेशों के माध्यम से एकजुट करने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि चाय बागान खुले रहें, तो तृणमूल कांग्रेस को वोट दें।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने लक्ष्मीर भंडार, स्वास्थ्य साथी और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए इन्हें तृणमूल सरकार के कल्याणकारी मॉडल के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ वादे नहीं करते, बल्कि उन्हें पूरा भी करते हैं।
बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने जलपाईगुड़ी और पड़ोसी जिलों में बेमौसम बारिश के कारण नुकसान झेलने वाले आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए फसल बीमा की व्यवस्था भी की है। मुख्यमंत्री ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और एलपीजी सिलेंडर बुकिंग पर कथित प्रतिबंधों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना भी की।
उन्होंने पूछा कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं। अब तो वे कहते हैं कि गैस सिलेंडर बुक करने के बाद सिलेंडर मिलने में 35 दिन तक लग सकते हैं। लोग खाना कैसे पकाएंगे?
बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने साथ वकील ले जाने के लिए कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-शासित असम में नामांकन रद्द कर दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि मुझे भाजपा और निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है। हमारे उम्मीदवारों को अपने साथ वकील ले जाना चाहिए और हर दस्तावेज की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए।
महिला मतदाताओं को सीधे तौर पर अपने पाले में करने का प्रयास करते हुए बनर्जी ने राजनीतिक दबाव का विरोध करने में महिलाओं की भूमिका का आह्वान करते हुए कहा कि अगर कोई भी बूथ पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो माताओं और बहनों को आगे आना चाहिए।
भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने पार्टी पर खान-पान की आदतों और भाषा को थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में मछली या मांस खाने पर लोगों को पीटा जाता है। यहां तक कि बांग्ला बोलने पर भी लोगों को पीटा जाता है। हम हर धर्म, भाषा और समुदाय का सम्मान करते हैं।
मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझसे सब कुछ छीन लिया है। अब मेरे पास सिर्फ एक ही चीज बची है - वह है बंगाल की जनता।
पश्चिम बंगाल में 294-सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।