Iran Israel missile attack : इजरायल पर ईरानी मिसाइल हमला: 27 घायल, एक महिला की मौत
Mar 01, 2026 11:16 AM
Iran Israel missile attack: इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमले में कम से कम 27 लोग घायल हो गए हैं, जबकि एक महिला की मौत हो गई। ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ के मुताबिक, मिसाइल एक तटीय शहर में रिहायशी इमारत पर जा गिरी, जिससे इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए। घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि पैरामेडिक्स ने मौके पर ही एक महिला को मृत घोषित कर दिया।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त मिसाइल हमले किए थे, जिनके बाद तेहरान समेत कई बड़े शहरों में धमाकों की खबरें सामने आईं।
ईरानी मीडिया का दावा: खामेनेई की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी-इजरायली हमलों में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei और उनके शीर्ष सुरक्षा सलाहकार मारे गए। इस दावे के बाद ईरान में सियासी हलचल तेज हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। इससे पहले ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ ने ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से बताया था कि खामेनेई की बेटी, पोता/पोती, बहू और दामाद भी इजरायली हमले में मारे गए।
रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख की भी मौत का दावा
सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ के अनुसार, अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद पकपोर भी हमले में मारे गए। उन्होंने पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध के दौरान इजरायल द्वारा गार्ड के पूर्व कमांडर की हत्या के बाद इस बल की कमान संभाली थी।
आईआरएनए ने यह भी दावा किया कि अली शमखानी की भी हमले में मौत हो गई। शमखानी लंबे समय से ईरान के सुरक्षा तंत्र में एक प्रभावशाली चेहरा रहे थे और रणनीतिक फैसलों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी।
इजरायल के पूर्व प्रवक्ता का बयान
इजरायल सरकार के पूर्व प्रवक्ता Eylon A Levy ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा, “ईरानी महिलाएं बिना सिर ढके सड़कों पर नाच रही हैं, जब उन्हें पता चला कि इजरायल ने तानाशाह खामेनेई को मार गिराया है।”
वैश्विक असर क्या हो सकता है?
मध्य पूर्व में बढ़ता टकराव सीधे तौर पर तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और जवाबी हमलों के बीच हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब वॉशिंगटन, तेहरान और तेल अवीव की अगली चाल पर टिकी हैं।