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लद्दाख में बाइकर्स के साथ अजूबा: खड़े थे भारत में, मोबाइल दिखाने लगा चीन का टाइम जोन

Jun 18, 2026 1:25 PM

प्रकृति की गोद में बसे लद्दाख की खूबसूरत वादियों में घूमना हर बाइकर का सपना होता है, लेकिन हाल ही में वहां गए एक ग्रुप को तकनीकी रूप से एक बेहद अजीबोगरीब अनुभव से गुजरना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें बाइकर्स यह देखकर हैरान हैं कि वे भौगोलिक रूप से तो भारत की जमीन पर खड़े हैं, लेकिन उनकी जेब में रखे स्मार्टफोन पड़ोसी मुल्क चीन का समय दिखा रहे हैं। इस डिजिटल घालमेल ने न सिर्फ उन पर्यटकों को चौंका दिया, बल्कि इंटरनेट पर भी एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

ढाई घंटे आगे की टाइमलाइन, बाइकर बोले- 'अरे भाई, ये क्या हो गया?'

वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि बाइकर्स का यह ग्रुप वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब किसी पॉइंट पर रुका हुआ है। तभी अचानक उनके फोन की स्क्रीन पर समय बदल जाता है। भारत और चीन के आधिकारिक समय में पूरे ढाई घंटे का अंतर है। वीडियो में एक बाइकर बेहद अचरज के साथ अपने साथी से कहता नजर आ रहा है, "अजय जी, मेरे मोबाइल में तो 7:37 हो गए हैं!" जबकि उस वक्त भारतीय समयानुसार शाम के महज 5:00 बज रहे थे। बिना फोन को छुए हुए समय का इस कदर बदल जाना किसी के लिए भी सिरचक्कर करने वाला हो सकता है।

कोई जासूसी नहीं, बल्कि चीन के 'हाई-पावर' टावरों का है यह तकनीकी खेल

जानकारों के मुताबिक, इस पूरी घटना के पीछे कोई रहस्यमयी वजह नहीं, बल्कि एक सीधा सा तकनीकी कारण है। हमारे स्मार्टफोन में 'ऑटोमेटिक टाइम ज़ोन' नाम की एक डिफॉल्ट सेटिंग होती है। यह फीचर फोन को नजदीकी मोबाइल टावर से मिलने वाले सिग्नलों के आधार पर स्थानीय समय तय करने में मदद करता है। चूंकि चीन ने एलएसी के दूसरी तरफ अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए बेहद शक्तिशाली मोबाइल टावर खड़े किए हैं, जिनकी फ्रीक्वेंसी रेंज काफी अधिक है, इसलिए कई बार उनके सिग्नल 'नो मैन्स लैंड' को पार कर भारतीय सीमा के भीतर तक पहुंच जाते हैं।

कमजोर भारतीय नेटवर्क का फायदा और रक्षा विशेषज्ञों की चिंता

बॉर्डर के कई दुर्गम इलाकों में भारतीय दूरसंचार कंपनियों का नेटवर्क ढांचा भौगोलिक विषमताओं के कारण थोड़ा कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में जैसे ही बाइकर्स के फोन का संपर्क भारतीय टावर से टूटा, उनके डिवाइस ने तुरंत वहां मौजूद चीन के मजबूत नेटवर्क को पकड़ लिया और फोन की घड़ी बीजिंग के समय के अनुसार सेट हो गई। हालांकि, रक्षा मामलों के विशेषज्ञ इसे कोई नई बात नहीं मानते, लेकिन सीमा पर चल रहे मौजूदा रणनीतिक तनाव के बीच इंटरनेट यूजर्स इसे सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से एक गंभीर मुद्दा मान रहे हैं।

लद्दाख जाने वाले टूरिस्ट्स के लिए जरूरी हिदायत

यदि आप भी आने वाले दिनों में लद्दाख की रोमांचक यात्रा पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो इस तरह के डिजिटल भ्रम और अनचाहे रोमिंग चार्ज से बचने के लिए एक बेहद छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सेटिंग जरूर कर लें। अपने स्मार्टफोन के सेटिंग मेन्यू में जाएं और वहां 'ऑटोमेटिक नेटवर्क सिलेक्शन' तथा 'ऑटोमेटिक टाइम ज़ोन' के विकल्प को बंद (डिसेबल) कर दें। इसके बाद अपने भारतीय नेटवर्क ऑपरेटर को मैनुअल मोड पर सेट करें। ऐसा करने से आपका फोन चीनी सिग्नलों को ऑटो-डिटेक्ट नहीं करेगा और आपकी घड़ी बिल्कुल सही समय दिखाएगी।

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