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Dubai Job Reality: दुबई की चकाचौंध का कड़वा सच, पंजाब के लड़के ने बताया 12 घंटे कचरा उठाने पर मिलती है कितनी सैलरी

Jun 08, 2026 1:00 PM

आजकल भारतीय युवाओं, खासकर पंजाब और हरियाणा के नौजवानों में विदेश जाकर मोटी कमाई करने का एक अलग ही जूनून सवार है। बहुत से लोगों को लगता है कि दुबई या खाड़ी देशों की धरती पर कदम रखते ही पैसों की बारिश होने लगेगी। लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो इस चकाचौंध के पीछे छिपी जमीनी हकीकत की कुछ अलग ही दास्तान बयां कर रहा है। इंस्टाग्राम पर '@jaggy.abroad' हैंडल से जगदीश चावला नाम के एक कंटेंट क्रिएटर ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें दुबई की सड़कों पर पसीना बहा रहे एक पंजाबी युवक की आपबीती ने सबको झकझोर कर रख दिया है।

भाई के कहने पर छोड़ी पढ़ाई, अब परदेस में उठा रहे कचरा

वीडियो में नजर आ रहे इस युवक की पहचान पंजाब के अभिषेक सिंह के रूप में हुई है। अभिषेक पिछले करीब 7-8 महीनों से दुबई में कचरा उठाने (Garbage Collector) का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भारत में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे, लेकिन इसी बीच पहले से दुबई की एक कंपनी में कार्यरत उनके भाई ने उन्हें वहीं नौकरी दिलवा दी। घर की माली हालत ठीक न होने और कुछ बेहतर करने की चाह में अभिषेक ने पढ़ाई को बीच में ही अलविदा कह दिया और परदेस का रुख कर लिया। आज वे बेहद कठिन हालातों में वहां की सोसायटियों और सड़कों को साफ रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

12 घंटे की कड़ी मशक्कत और हाथ आती है इतनी कम रकम

जब वीडियो में अभिषेक से उनकी नौकरी के घंटों और वेतन को लेकर सवाल किया गया, तो उनके जवाब ने इंटरनेट यूजर्स को हैरत में डाल दिया। अभिषेक ने बताया कि इस चिलचिलाती धूप और बेहद गर्म मौसम में उन्हें रोज 11 से 12 घंटे की कमरतोड़ मेहनत करनी पड़ती है। इसके बदले कंपनी उन्हें हर महीने करीब 1800 से 1900 दिरहम (भारतीय मुद्रा में करीब 49 हजार रुपये) वेतन देती है। कंपनी की तरफ से केवल रहने की जगह (एकॉमोडेशन) दी गई है, जबकि खाने-पीने का पूरा इंतजाम उन्हें अपनी जेब से और खुद खाना बनाकर करना पड़ता है। दुबई जैसे महंगे शहर में इस मामूली रकम से खाने का खर्च निकालने के बाद बचत के नाम पर उनके हाथ खाली ही रह जाते हैं।

सादगी ने जीता दिल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बड़ी बहस

इस पूरे वीडियो में जिस बात ने देश-दुनिया के नेटिजन्स का ध्यान सबसे ज्यादा अपनी ओर खींचा, वह थी अभिषेक के चेहरे पर तैरती मासूम मुस्कान। इतनी विपरीत परिस्थितियों और थका देने वाले काम के बाद भी वे बेहद शालीनता और बिना किसी मलाल के अपनी जिंदगी की कहानी सुनाते दिखे। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। जहां एक तरफ लोग इसे मजबूरी और पढ़ाई छोड़ने का गलत फैसला मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग उनकी ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता और हक-हलाल की रोटी कमाने वाले अभिषेक एक न एक दिन जरूर कामयाब होंगे।

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