Breaking News
Narnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीNarnaul News: 19 व 20 नंवबर को आयोजित होगा जिला युवा महोत्सव, ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ रखी गई थीमNarnaul News: त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, आठ मिठाइयों के नमूने लिए1 November Rashifal: नवंबर के पहले दिन कर्क राशि में बनेगा महाधन योग, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफलPanipat Factory Fire: पानीपत में फिर दहला औद्योगिक इलाक, बलाना गांव की कंबल फैक्ट्री में लगी भीषण आगGurugram Car Stunt: गुरुग्राम में क्रेटा सवार युवकों का खौफनाक हुड़दंग, सनरूफ से बाहर निकलकर मचाया उत्पात, महिला-बच्चों से बदतमीजीNarnaul News: 19 व 20 नंवबर को आयोजित होगा जिला युवा महोत्सव, ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ रखी गई थीम

Yamunanagar News: यूक्रेन मिसाइल हमले में शहीद गुरप्रीत का शव 59 दिन बाद भी नहीं पहुंचा घर, बिलख रहा परिवार

Yamunanagar News: यूक्रेन मिसाइल हमले में शहीद गुरप्रीत का शव 59 दिन बाद भी नहीं पहुंचा घर, बिलख रहा परिवार

यूक्रेन मिसाइल हमले में शहीद गुरप्रीत का शव 59 दिन बाद भी नहीं पहुंचा घर

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
GGaganpreet Kaur

Yamunanagar News: यमुनानगर जिले के पंजेटो गांव में पसरा सन्नाटा किसी के भी कलेजे को छलनी कर सकता है। जिस घर में 6 महीने पहले बेटी के जन्म की किलकारियां गूंजी थीं, वहां आज सिर्फ बेबसी और आंसुओं का पहरा है। मर्चेंट नेवी में कार्यरत 28 वर्षीय गुरप्रीत सिंह बाठ 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के करीब हुए रूसी मिसाइल हमले में मारे गए थे। आज 16 सितंबर है और इस खौफनाक हादसे को पूरा 59 दिन यानी करीब दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अपने इकलौते बेटे की अंतिम विदाई के लिए परिवार आज भी उसकी देह की बाट जोह रहा है।

डीएनए रिपोर्ट भेजने के बाद भी दूतावास की चुप्पी, कंपनी का ढीला रवैया

विज्ञापन

गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि जहाजरानी कंपनी और भारतीय दूतावास ने परिजनों से जो भी दस्तावेज व डीएनए सैंपल मांगे थे, वे सभी समय पर उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बावजूद इसके, शव को भारत लाने की तारीख को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है। सूत्रों और कंपनी से मिली अधूरी जानकारी के मुताबिक, हमले में मारे गए अन्य विदेशी नाविकों के परिजनों की डीएनए रिपोर्ट अभी तक मैच नहीं हो सकी है, जिसके कारण सभी शवों को क्लीयरेंस मिलने में देरी हो रही है। इस लचर व्यवस्था के चलते पीड़ित परिवार का हर बीतता दिन किसी यातना से कम नहीं साबित हो रहा।

दिव्यांग पिता और बेसुध पत्नी, अंतिम दर्शन की आस में सीएम से फिर गुहार की तैयारी

गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह पहले ही एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में अपनी एक टांग गंवा चुके हैं। बुढ़ापे और लाचारी में जिस बेटे को पिता का सहारा बनना था, उसे कंधा देने के लिए भी पिता तरस रहे हैं। परिवार इस सिलसिले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर विदेश मंत्रालय के जरिए हस्तक्षेप की गुहार लगा चुका है। मामा अमरीक सिंह का कहना है कि अगर अगले एक-दो दिनों में कोई सकारात्मक प्रगति नहीं हुई, तो वे दोबारा मुख्यमंत्री सैनी के पास जाएंगे और केंद्र सरकार से अपने स्तर पर कड़ा रुख अपनाने की अपील करेंगे।

6 महीने की बेटी कभी नहीं देख पाएगी पिता का चेहरा

करीब डेढ़ साल पहले शादी के बंधन में बंधे गुरप्रीत छह महीने पहले ही एक बेटी के पिता बने थे। जहाज ओडेसा से रवाना होने वाला था और परिवार को उम्मीद थी कि गुरप्रीत जल्द ही छुट्टी लेकर अपनी नन्हीं परी से मिलने घर आएगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आज छह महीने की मासूम बच्ची इस बात से अनजान है कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है। घर के मुख्य द्वार पर टकटकी लगाए बैठी वृद्ध आंखों और रो-रोकर बेसुध हो चुकी पत्नी का बस एक ही सवाल है—आखिर कब लौटेगा उनके गुरप्रीत का पार्थिव शरीर?

यह भी पढ़ें–  हरियाणा में फिर बढ़ी उमस भरी गर्मी, मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का नया अलर्ट

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

यमुनानगर की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।