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यमुनानगर में ट्रैक्टर ड्राइवर ने की खौफनाक स्टंटबाजी: 13 साल की बच्ची बुरी तरह घायल, पैर की दो उंगलियां और एक अंगूठा कटा

Jan 21, 2026 7:16 AM

यमुनानगर: यमुनानगर जिले के फर्कपुर थाना क्षेत्र से घोर लापरवाही और अमानवीय कृत्य का मामला सामने आया है, जहां एक ट्रैक्टर चालक की स्टंटबाजी ने 13 वर्षीय बच्ची की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर बच्चों की जान को जोखिम में डालते हुए ट्रैक्टर से स्टंट कर रहा था। इसी दौरान उसने एक मासूम बच्ची को ट्रैक्टर की लिफ्ट पर खड़ा कर दिया और तेज रफ्तार में ट्रैक्टर दौड़ाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, स्टंट के दौरान बच्ची का पैर अचानक ट्रैक्टर की लिफ्ट में फंस गया। दर्द से तड़पती बच्ची लगातार चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने ट्रैक्टर नहीं रोका और लापरवाही से उसे दौड़ाता रहा। आसपास के लोगों के शोर मचाने के बाद आखिरकार ट्रैक्टर रोका गया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को संक्रमण और अधिक नुकसान से बचाने के लिए उसके पैर की दो उंगलियां और एक अंगूठा काटना पड़ा।



चीखती रही बच्ची, दौड़ाता रहा ट्रैक्टर

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि बच्ची के चीखने-चिल्लाने के बावजूद आरोपी ने ट्रैक्टर नहीं रोका और लापरवाही से उसे दौड़ाता रहा। आसपास के लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर ट्रैक्टर रोका गया और बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों को बच्ची के पैर की दो उंगलियां और एक अंगूठा काटना पड़ा, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। इस हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया और इलाके में आक्रोश फैल गया।



नशे में ट्रैक्टर चलाने का आरोप

पीड़ित बच्ची की मां शमा, निवासी आईटीआई शिवपुरी बी, ससौली रोड, ने बताया कि आरोपी तनवीर शराब का आदी है और अक्सर शाम के समय नशे की हालत में ट्रैक्टर-ट्रॉली को गली में तेज और लापरवाही से चलाता था। वह पहले भी बच्चों को ट्रैक्टर पर खड़ा कर स्टंट दिखाता रहा है। परिजनों का कहना है कि आरोपी को कई बार समझाया गया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। इस लापरवाही का खामियाजा आखिरकार एक मासूम बच्ची को भुगतना पड़ा। घटना की शिकायत मिलने के करीब दो महीने बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



हादसे का पूरा घटनाक्रम

शिकायत के मुताबिक यह दर्दनाक हादसा 17 नवंबर 2025 को हुआ। उस समय पीड़ित बच्ची की मां घर पर मौजूद थीं, जबकि उनकी 13 वर्षीय बेटी रहनुमा गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर गली में पहुंचा। उसने ट्रॉली को अलग किया और ट्रैक्टर की लिफ्ट को बच्चों के लिए खेल का साधन बना दिया। इसी लापरवाही में कई बच्चों को ट्रैक्टर की लिफ्ट पर खड़ा कर दिया गया, जिनमें रहनुमा भी शामिल थी। आरोप है कि आरोपी ने बिना किसी सुरक्षा इंतजाम और परिणाम की परवाह किए ट्रैक्टर की लिफ्ट को अचानक ऊपर उठा दिया। 

लिफ्ट उठते ही रहनुमा का बायां पैर उसमें बुरी तरह फंस गया। ट्रैक्टर के भारी हिस्से में दबने से बच्ची के बाएं पैर की दो उंगलियां और एक अंगूठा गंभीर रूप से कुचल गए। इस दौरान रहनुमा दर्द से तड़पते हुए जोर-जोर से चीखती रही और आसपास मौजूद लोग भी शोर मचाते रहे, लेकिन आरोप है कि आरोपी ने तुरंत ट्रैक्टर नहीं रोका। कुछ समय बाद जब लोगों ने हंगामा किया, तब जाकर ट्रैक्टर रोका गया। तब तक बच्ची को गंभीर चोटें लग चुकी थीं। इस हादसे ने न सिर्फ एक मासूम को गहरी पीड़ा दी, बल्कि आरोपी की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को भी उजागर कर दिया।



इलाज और आरोपी की कथित चालबाजी

जब आसपास के लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर आरोपी ने ट्रैक्टर रोका और डर के मारे घर में घुस गया। घायल बच्ची रोते हुए घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद शमा अपनी बेटी को तुरंत आस्था अस्पताल, यमुनानगर लेकर गई, जहां वह करीब दो दिन भर्ती रही। इस दौरान पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन आरोपी और उसके परिजनों ने इलाज का खर्च उठाने का भरोसा दिलाकर पुलिस कार्रवाई न करने की विनती की। अस्पताल में बच्ची का ऑपरेशन हुआ, जिसमें उसकी दो उंगलियां काटनी पड़ी। कुछ समय बाद संक्रमण फैलने से अंगूठा भी सेप्टिक हो गया। इसके चलते 9 दिसंबर 2025 को बच्ची को कोहली अस्पताल, जगाधरी में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका अंगूठा भी काटना पड़ा।

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