Pehowa News: लिफ्ट लेकर रास्ते में किया था जानलेवा हमला, पिहोवा पुलिस ने दबोचा दूसरा शातिर आरोपी सर्वजीत
Jun 17, 2026 6:22 PM
पिहोवा।(अभिषेक पूर्णिमा) कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों पर नकेल कसते हुए पिहोवा थाना सदर पुलिस की टीम ने एक अंधी कलाई को सुलझाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। बाइक सवार युवक पर बीच रास्ते में घेरकर किए गए जानलेवा हमले की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने वारदात में शामिल दूसरे मुख्य आरोपी सर्वजीत सिंह को भी दबोच लिया है। आरोपी सर्वजीत सिंह मूल रूप से पिहोवा के टिब्बा फार्म का रहने वाला है और वर्तमान में पिहोवा शहर में ही रह रहा था। इससे पहले पुलिस इस खूनी साजिश के मुख्य सूत्रधार गौरव को पहले ही सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है।
लिफ्ट देने के बहाने रची गई थी खून की साजिश
यह पूरा मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है, जहां जान-पहचान का फायदा उठाकर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस को दर्ज करवाई गई शिकायत में कराह साहिब गांव के रहने वाले कुबेर सिंह ने बताया कि वह पिछले कई सालों से बोधनी गांव के बस अड्डे पर एक सैलून (नाई की दुकान) चलाता है। बीती 12 जून की शाम को दुकान बंद करने के वक्त उसके ही गांव का एक युवक गौरव उसकी दुकान पर आया। गौरव ने कुबेर से मिन्नत की कि वह उसे भी अपनी बाइक पर गांव तक छोड़ दे। कुबेर सिंह सीधेपन में गौरव को अपनी बाइक पर पीछे बिठाकर गांव की तरफ निकल पड़ा।
जूलमत रोड के जोहड़ के पास हुआ खूनी खेल
जैसे ही कुबेर सिंह की मोटरसाइकिल जूलमत रोड पर स्थित जोहड़ (तालाब) के पास पहुंची, वहां पहले से घात लगाए खड़े एक अन्य युवक ने उनका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि कुबेर कुछ समझ पाता, बाइक पर पीछे बैठे गौरव ने अपने साथी के साथ मिलकर तेजधार हथियारों से कुबेर पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इस बर्बर हमले में कुबेर के सिर, गर्दन, पीठ और दोनों हाथों पर गंभीर चोटें आईं। लहूलुहान हालत में तड़पते हुए कुबेर को आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घायल को आनन-फानन में पिहोवा के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कुरुक्षेत्र के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया था।
रिमांड के दौरान खुला दूसरे आरोपी का राज
थाना सदर पिहोवा में दर्ज मुकदमे की कमान संभालते हुए सहायक उप निरीक्षक (ASI) संदीप कुमार ने तफ्तीश की सुई को आगे बढ़ाया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 15 जून को मुख्य आरोपी गौरव को कराह साहिब से गिरफ्तार कर लिया था। अदालत से मिले पुलिस रिमांड के दौरान गौरव ने अपने दूसरे साथी सर्वजीत सिंह के नाम और ठिकाने का खुलासा किया।
इसके बाद, थाना सदर प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में एएसआई संदीप कुमार की टीम ने 16 जून को जाल बिछाकर दूसरे आरोपी सर्वजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। बुधवार (17 जून) को पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।