Search

यमुनानगर में चलते-चलते 'टाइम बम' बनी इलेक्ट्रिक स्कूटी; धमाके के साथ लगी आग, बाल-बाल बचा चालक

Jun 12, 2026 4:32 PM

यमुनानगर। यमुनानगर का सौंधी मोहल्ला इलाका शुक्रवार को उस समय दहल उठा, जब दोपहर के वक्त बाजार के बीचों-बीच एक इलेक्ट्रिक स्कूटी (ई-स्कूटर) देखते ही देखते आग की लपटों से घिर गई। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें कई फीट ऊपर तक उठ रही थीं, जिससे तंग बाजार में मौजूद राहगीरों और दुकानदारों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर करीब 15 से 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग को शांत किया, लेकिन तब तक स्कूटी के नाम पर सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा था।

सूझबूझ से टला बड़ा हादसा: धुआं देखते ही कूद गया चालक

यह इलेक्ट्रिक स्कूटी आजाद नगर के रहने वाले बृजभूषण की थी, जिसे उनका एक दोस्त किसी निजी काम से लेकर बाजार की तरफ निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटी जब सौंधी मोहल्ले के पास पहुंची, तो अचानक उसके निचले हिस्से (बैटरी कंपार्टमेंट) से गाढ़ा सफेद धुआं निकलने लगा। हैंडल थामे युवक को जैसे ही कुछ जलने की गंध आई और पैर के पास गरमाहट महसूस हुई, उसने बिना एक पल गंवाए स्कूटी को सड़क किनारे खड़ा किया और पीछे भाग गया। उसके दूर हटते ही एक जोरदार धमाका हुआ और पूरी स्कूटी ने आग पकड़ ली। अगर चालक ने उतरने में दो सेकंड की भी देरी की होती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

दो साल पुरानी थी स्कूटी; उठ रहे हैं सुरक्षा पर सवाल

मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित स्कूटी मालिक बृजभूषण ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले 'जॉय' कंपनी का यह इलेक्ट्रिक मॉडल खरीदा था। अब तक स्कूटी में ऐसी कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई थी। इस घटना ने एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की सुरक्षा और विशेषकर गर्मियों के मौसम में उनकी बैटरियों के रखरखाव को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि आए दिन ई-स्कूटी में आग लगने की खबरें आती हैं, जो चिंता का विषय हैं।

शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग? जांच में जुटा प्रशासन

बाजार के दुकानदारों ने शुरुआत में अपने स्तर पर पानी और रेत डालकर आग बुझाने की कोशिश की थी, लेकिन ई-वाहनों में लगी आग को सामान्य तरीके से बुझाना नामुमकिन होता है। दमकल अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में ऐसा लग रहा है कि अत्यधिक गर्मी या किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण बैटरी के भीतर शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसने थर्मल रनवे (Thermal Runaway) का रूप ले लिया। बहरहाल, घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन इस हादसे ने बाजार के व्यापारियों और ई-वाहन मालिकों को डरा दिया है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!