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RTI लगाकर कारोबारियों को ब्लैकमेल करने वाला शिव साहनी जेल भेजा गया, पुलिस ने जारी किया 'सावधान' पोस्टर

Jun 12, 2026 12:40 PM

यमुनानगर। यमुनानगर की थाना छप्पर पुलिस ने शराब कारोबारी विनय साहनी से ₹75 लाख की भारी-भरकम रंगदारी मांगने वाले एक बेहद शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। मूल रूप से अजमेर (राजस्थान) के रहने वाले आरोपी शिव साहनी को पुलिस ने रिमांड अवधि खत्म होने के बाद अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उसने कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को भी चौंका दिया है। आरोपी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि सूचना के अधिकार (RTI) का हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वाला एक पेशेवर ब्लैकमेलर है। फिलहाल पुलिस को उसके पास से ढाई लाख रुपये की रिकवरी करने में कामयाबी मिली है।

पुलिस ने जारी किया पोस्टर, लिखा- 'इस जबरन वसूली करने वाले से सावधान रहें'

इस मामले में पुलिस को अंदेशा है कि शिव साहनी के जाल में फंसकर बदनामी के डर से कई और कारोबारी भी चुपचाप मोटी रकम गंवा चुके हैं। इसी को देखते हुए थाना छप्पर पुलिस ने आरोपी शिव साहनी की तस्वीर के साथ एक सार्वजनिक पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर पर साफ शब्दों में लिखा गया है— "नागरिक ब्लैकमेलर एवं जबरन वसूली करने वाले से सावधान रहें।" थाना प्रभारी अजय के मुताबिक, यदि यमुनानगर या आसपास के इलाकों में कोई भी व्यक्ति इस शख्स की धमकियों या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह बिना किसी डर के पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

बैंक खातों की पड़ताल और विदेशी नंबरों का कनेक्शन

इस जबरन वसूली नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका पता लगाने के लिए पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की फोरेंसिक जांच करा रही है। खातों में हाल के दिनों में हुए बड़े ट्रांजैक्शन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस खेल में आरोपी का बेटा नमन साहनी और दामाद रमन भी बराबर के हिस्सेदार हैं, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि विदेशी नंबरों से आने वाली धमकी भरी कॉलों और व्हाट्सएप चैट के पीछे किन सफेदपोशों का हाथ है।

क्या था पूरा मामला और कैसे बिछाया गया जाल?

इस पूरे मामले की कड़ियां पंचकूला के सेक्टर-12 निवासी शराब कारोबारी विनय साहनी की शिकायत से जुड़ती हैं। विनय ने बताया कि शिव साहनी पिछले दो साल से उनके कारोबार पर नजर रखे हुए था। आरटीआई के जरिए बारीक जानकारियां निकालने के बाद आरोपी ने अलग-अलग सरकारी विभागों में झूठी शिकायतें भेजकर विनय पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मामले को रफा-दफा करने और परिवार को सुरक्षित रखने के एवज में पहले एक करोड़ रुपये मांगे गए, जो बाद में ₹75 लाख में तय हुए। डर के मारे विनय ने 29 मई को टोकन मनी के तौर पर ढाई लाख रुपये दे भी दिए थे।

इसके बाद जब आरोपी ने बाकी के रुपयों के लिए मानसिक प्रताड़ना शुरू की, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस की शरण ली। थाना छप्पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जाल बिछाया। रणनीति के तहत विनय साहनी को ₹4 लाख की अगली किस्त लेकर जिमखाना क्लब की पार्किंग में भेजा गया। जैसे ही शिव साहनी ने नोटों से भरा बैग अपने हाथ में लिया, वहां सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है ताकि इस पूरे नेक्सस को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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