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यमुनानगर में जनभागीदारी की मिसाल: लाडो पार्क में महिलाओं ने किया श्रमदान, नालों की सफाई के लिए उतरी निगम की टीम

Jun 17, 2026 2:47 PM

यमुनानगर ( संजीव चौहान ) महान योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती के पावन अवसर को यमुनानगर नगर निगम ने एक अनूठे और प्रेरणादायी अंदाज में मनाया। शहर को सुंदर, स्वच्छ और बीमारी मुक्त बनाने के इरादे से निगम द्वारा पूरे शहर में एक व्यापक महा सफाई अभियान छेड़ा गया। मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के सीधे दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए निगम की टीमों ने वीआईपी रास्तों से लेकर तंग रिहायशी इलाकों, मुख्य बाजारों और पार्कों की कायापलट कर दी। इस अभियान का मूल उद्देश्य केवल सड़कों से कूड़ा उठाना नहीं, बल्कि जनता को स्वच्छता के इस महायज्ञ में सीधे तौर पर भागीदार बनाना रहा।

अभियान के तहत नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों की अलग-अलग टोलियों ने सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया था। टीम ने रेलवे रोड, मीरा बाई मार्केट, न्यू मार्केट, छोटी लाइन और वर्कशॉप रोड जैसी व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को पूरी तरह साफ किया। मानसून की आहट को देखते हुए इस अभियान में ड्रेनेज सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया गया; जिन जगहों पर नालियां और नाले जाम पड़े थे, उन्हें मशीनरी और मैनुअल तरीके से साफ कर पानी की निकासी को दुरुस्त किया गया।

जनभागीदारी की मिसाल: लाडो पार्क और महाराणा प्रताप पार्क में महिलाओं ने किया श्रमदान

इस पूरे अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर वार्डों के पार्कों से सामने आई, जहां सरकारी औपचारिकता से इतर आम जनता का जुड़ाव देखने को मिला। वार्ड नंबर 9 की मॉडल कॉलोनी स्थित महाराणा प्रताप पार्क और वार्ड नंबर 13 की जम्मू कॉलोनी स्थित लाडो पार्क में विशेष अभियान चलाया गया। यहां केवल निगम के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि स्थानीय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने खुद हाथों में झाड़ू थाम ली। लोगों ने पार्क परिसरों और उनके आसपास बिखरे पड़े सूखे पत्तों, प्लास्टिक और अन्य कचरे को एकत्रित कर उसका उचित निस्तारण कराया।

इस मौके पर पार्क में सैर करने आने वाले लोगों को जागरूक करते हुए संदेश दिया गया कि वे इन सार्वजनिक संपत्तियों को अपना समझकर साफ रखें। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे न तो खुद पार्कों में गंदगी फैलाएंगे और ना ही किसी और को ऐसा करने देंगे।

व्यवहार में बदलाव जरूरी; गीले और सूखे कचरे को अलग रखने पर जोर

सफाई के साथ-साथ यह अभियान एक बड़े जागरूकता मंच में तब्दील हो गया। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के विशेषज्ञ आकाश कुमार, दुर्गेश कुमार और गगन बेनीवाल की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर नागरिकों को कचरा प्रबंधन के गुर सिखाए। उन्होंने 'सोर्स सेग्रीगेशन' यानी कचरे को घर पर ही अलग-अलग करने के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि गीले और सूखे कचरे को हमेशा अलग-अलग डस्टबिन में रखें। विशेषज्ञों ने दो टूक कहा कि जब तक जनता का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक कोई भी शहर नंबर वन नहीं बन सकता।

श्रमदान करने पहुंचे नागरिकों की हौसलाअफजाई करते हुए मेयर सुमन बहमनी ने कहा, "स्वच्छता केवल निगम या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, यह समाज के हर एक व्यक्ति का मौलिक दायित्व है।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अभियानों का असली मकसद सिर्फ एक दिन झाड़ू लगाना नहीं, बल्कि नागरिकों के रोजमर्रा के व्यवहार में बदलाव लाना है। जब तक आमजन कचरा फेंकने की आदतों को लेकर गंभीर नहीं होंगे, तब तक पूर्ण स्वच्छता का सपना अधूरा रहेगा। मेयर ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में भी शहर के हर कोने को चमकाने के लिए ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।

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