यमुनानगर सिविल अस्पताल और रेलवे स्टेशन से वाहन उड़ाने वाला कालू गिरफ्तार, यूपी भागते वक्त बॉर्डर पर दबोचा
Jun 17, 2026 2:57 PM
यमुनानगर ( संजीव चौहान ) शहर में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए यमुनानगर पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल ने एक शातिर चोर को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा बरामद की है। पकड़ा गया आरोपी उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल होकर चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, पुलिस की विशेष टीम ने कलानौर बॉर्डर पर जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के कड़े रुख और दिशा-निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी आलोक उर्फ कालू (पुत्र नागमणि) के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि आरोपी के तार किसी बड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
सीक्रेट इनपुट पर एक्शन: नाकाबंदी देख सकपकाया आरोपी
एंटी व्हीकल थेफ्ट सेल के इंचार्ज राजेश कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि आजाद नगर का रहने वाला एक शातिर युवक चोरी की बाइक ठिकाने लगाने के लिए कलानौर बॉर्डर के रास्ते उत्तर प्रदेश की तरफ निकलने वाला है। सूचना मिलते ही एएसआई अनिल कुमार, संदीप, योगेश और नरेश के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए संभावित रूट पर नाकाबंदी कर दी और आने-जाने वाले वाहनों की गहन चेकिंग शुरू कर दी।
कुछ ही देर बाद पुलिस को कलानौर बॉर्डर की तरफ एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। पुलिस नाके को देखकर वह सकपकाया, जिसके बाद टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रोक लिया। जब पुलिसकर्मियों ने उससे बाइक के कागजात मांगे, तो वह टालमटोल करने लगा। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने कबूल किया कि यह मोटरसाइकिल उसने बीती 5 जून को यमुनानगर के सिविल हॉस्पिटल परिसर से उड़ाई थी।
रेलवे स्टेशन से भी चुराई थी एक्टिवा, पहले से दर्ज हैं मुकदमे
आरोपी आलोक उर्फ कालू से जब सेल के दफ्तर में गहनता से पूछताछ की गई, तो उसने वाहन चोरी की एक और वारदात का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की एक एक्टिवा भी बरामद की, जिसे उसने 11 जून 2026 को यमुनानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग के पास से पार किया था।
इंचार्ज राजेश कुमार ने बताया कि आलोक कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है, बल्कि उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उस पर पहले भी वाहन चोरी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं, जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन हैं। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा इसी धंधे को अपनी कमाई का जरिया बना लिया था। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने इस कामयाबी पर टीम की पीठ थपथपाते हुए आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों में डबल लॉक का इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत खाकी को सूचित करें।