खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट तोड़फोड़ मामले में शिक्षक रोशन आनंद को जमानत
Jun 15, 2026 4:16 PM
पटना: बिहार के शिक्षक रोशन आनंद को पटना स्थित खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ के मामले में जमानत मिल गई है। रोशन आनंद के अधिवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। रोशन आनंद के वकील निरंजन कुमार सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ‘‘गढ़ी हुई, पूर्वनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित’’ थी। उन्होंने दावा किया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) का इस मामले में गलत तरीके से प्रयोग किया गया, क्योंकि आरोपी की मंशा, जानकारी और घटनास्थल पर उपस्थिति जैसे आवश्यक कानूनी तत्व मौजूद नहीं थे। सिंह ने खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक फैसल खान उर्फ खान सर को ‘प्रभावशाली व्यक्ति’ बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने ‘राजनीतिक प्रभाव’ का इस्तेमाल कर रोशन आनंद की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया।
रोशन आनंद के वकील ने कहा, ‘‘सबूतों के अभाव के बावजूद रोशन आनंद को जेल भेज दिया गया। यह सब एक साजिश और खान सर के उस कथित बयान के आधार पर हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि आठ-दस राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनी गई थी।’’ वकील ने यह भी दावा किया कि खान सर के खिलाफ दर्ज प्रतिवाद प्राथमिकी में शस्त्र अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत गंभीर आरोप होने के बावजूद संबंधित पक्ष ने ‘तथ्यों को छिपाकर और बयान बदलकर’ अंतरिम राहत हासिल कर ली। सिंह ने मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग पुलिस का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘रोशन आनंद के खिलाफ रची गई आपराधिक साजिश उनके भाई प्रिंस यादव की मौत का कारण भी हो सकती है।’’
खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ के मामले में नामजद प्रिंस यादव को शनिवार रात उनके साथियों ने नेपाल के विराटनगर स्थित एक अस्पताल पहुंचाया था, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो जून को हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद वह नेपाल चले गए थे। इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बिहार के प्रतिष्ठित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के निदेशक के भाई की संदिग्ध मौत अथवा हत्या की सभी पहलुओं से उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कोचिंग क्षेत्र में हाल के विवाद पूरे शिक्षा जगत के लिए उचित नहीं हैं। इस पूरे मामले में बिहार सरकार और पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में दिखाई देती है।’’
उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। तेजस्वी यादव के बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि प्रिंस यादव की ‘‘हत्या’’ कराई गई है। तेज प्रताप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब यह दिन के उजाले की तरह साफ हो गया है कि यह हत्या खान सर द्वारा कराई गई है।’’ वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण ‘कोचिंग माफिया’ जैसी धारणा बन रही है। तिवारी ने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए काम करने के बजाय संस्थान आपसी प्रतिस्पर्धा में उलझे हुए हैं, जिससे कोचिंग माफिया जैसी छवि बन रही है।’’
भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक फैसल खान ने भी प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए पुलिस से त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की। खान ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह अत्यंत दुखद घटना है। मैं उनके परिवार के दुख को समझ सकता हूं और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव सहायता देने को तैयार हूं। मैं पुलिस से आग्रह करता हूं कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए।’’ इस बीच, बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि मामले की जांच वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में जांच चल रही है। बिना किसी भेदभाव के उचित कार्रवाई की जाएगी। बिहार में कानून का राज है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।’’