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यमुनानगर में खेत में घास काट रहे 22 वर्षीय इरफान पर गिरा खंभा, करंट से दर्दनाक मौत

May 17, 2026 3:47 PM

यमुनानगर। सड़कों से लेकर खेतों तक फैले बिजली निगम के ढीले और जर्जर इंतजाम आए दिन बेकसूर लोगों की जान के दुश्मन बन रहे हैं। ताजा रूह कंपा देने वाला मामला यमुनानगर के सढौरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सरांवा से सामने आया है। यहाँ रविवार सुबह खेत में पशुओं के लिए हरा चारा काटने गए एक 22 साल के नौजवान की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा कोई तकनीकी फॉल्ट या आसमानी बिजली का नहीं था, बल्कि खेत के बीचों-बीच खड़ा बिजली का एक खंभा अचानक उखड़कर युवक पर जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे ने एक बेबस मां-बाप से उनका इकलौता बेटा और दो बहनों से उनका अकेला भाई हमेशा के लिए छीन लिया है।

साइकिल खड़ी कर खेत में घुसा था इरफान, काल बनकर गिरा बिजली का पोल

मृतक इरफान के चचेरे भाई कादिर ने रुंधे गले से बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे 22 वर्षीय इरफान रोज की तरह अपने घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित खेतों में साइकिल पर सवार होकर घास लेने गया था। उसने खेत की मेड़ पर अपनी साइकिल खड़ी की और अंदर जाकर दरांती से घास काटने लगा। वह अपने काम में मग्न ही था कि तभी अचानक खेत में लगा भारी-भरकम बिजली का खंभा जड़ से उखड़कर सीधे इरफान के ऊपर आ गिरा। खंभा गिरते ही उसके ऊपर से गुजर रहीं हाई-वोल्टेज जिंदा तारें इरफान के बदन से लिपट गईं। करंट का झटका इतना जोरदार था कि इरफान को संभलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

आवाजें देते रहे पिता, अंदर गए तो पैरों तले खिसक गई जमीन

काफी देर बीत जाने के बाद भी जब इरफान दोपहर तक घर नहीं लौटा, तो उसके पिता गफूर को किसी अनहोनी की आशंका हुई। वह उसे तलाशते हुए खेत की तरफ भागे। खेत के बाहर इरफान की साइकिल खड़ी देख गफूर ने राहत की सांस ली और बाहर से ही बेटे को कई बार आवाजें लगाईं। लेकिन जब अंदर से कोई सरसराहट या जवाब नहीं आया, तो वह घबराकर खेत के बीच में दाखिल हुए। वहाँ का नजारा देख बूढ़े पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। सामने बिजली की नंगी तारें जमीन पर बिखरी पड़ी थीं और उनका इकलौता बेटा बुरी तरह झुलसी हालत में बेजान पड़ा हुआ था।

'सिर्फ दो फीट गाड़ा था खंभा' — परिजनों ने खोला बिजली महकमे के खिलाफ मोर्चा

पिता की चीख सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। गनीमत यह रही कि उस वक्त तक पीछे से बिजली की सप्लाई बंद हो चुकी थी, जिससे अन्य लोग इसकी चपेट में आने से बच गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 और बिजली निगम को दी।

हादसे से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने इसके लिए सीधे तौर पर बिजली निगम के ठेकेदारों और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। कादिर ने आरोप लगाया कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर इस पोल को जमीन में महज दो से तीन फीट ही गाड़ा था। नीचे कोई ठोस बेस या कंक्रीट न होने के कारण खंभा अपनी पकड़ खो चुका था और हल्के दबाव में ही गिर गया। परिजनों का कहना है कि अगर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी सही से निभाई होती, तो आज उनका बेटा जिंदा होता।

मामले की सूचना मिलते ही सढौरा थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और शव को अपने कब्जे में लिया। जांच अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर बिजली निगम के संबंधित विंग के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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