गुरुग्राम की नवकेतन अपार्टमेंट सोसाइटी में छापा: फ्लैट से मिली 292 विदेशी शराब की बोतलें, विक्रम यादव अरेस्ट
May 17, 2026 4:30 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के आलीशान और सुरक्षित माने जाने वाले रिहायशी इलाकों में अपराधियों ने तस्करी का नया ठिकाना ढूंढ लिया है। ताजा मामला सेक्टर-31 की नवकेतन अपार्टमेंट सोसाइटी का है, जहां सुरक्षा गार्ड्स और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बीच एक फ्लैट के भीतर अवैध शराब का पूरा कारोबार फल-फूल रहा था। आबकारी विभाग को अपने गुप्त सूत्रों से पुख्ता खबर मिली थी कि सोसाइटी की पहली मंजिल पर स्थित एक फ्लैट का इस्तेमाल व्यावसायिक रूप से अवैध शराब को डंप करने के लिए किया जा रहा है।
पुलिस और एक्साइज विभाग की रेड, कमरों का नजारा देख उड़े होश
सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा और एक संयुक्त स्पेशल टीम का गठन किया गया। टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से नवकेतन अपार्टमेंट में दबिश दी। जब अधिकारियों ने फ्लैट का दरवाजा खुलवाकर भीतर तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर वे भी हैरान रह गए। फ्लैट के कमरों, किचन और अलमारियों में बेहद शातिराना तरीके से शराब के कार्टन छिपाकर रखे गए थे। गिनती करने पर अलग-अलग नामी और महंगे विदेशी ब्रांड्स की कुल 292 बोतलें बरामद हुईं, जिनकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
कोई परमिट नहीं, निजी इस्तेमाल के दावे की खुली पोल
मौके पर मौजूद आरोपी विक्रम यादव से जब टीम ने इतनी बड़ी तादाद में शराब रखने का कानूनी लाइसेंस, परमिट या खरीद के वैध दस्तावेज मांगे, तो उसके पास कोई जवाब नहीं था। शुरू में मामले को निजी इस्तेमाल का बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि 292 बोतलों का स्टॉक किसी भी सूरत में निजी उपभोग के लिए नहीं हो सकता। यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी कर ऊंचे दामों पर शराब सप्लाई करने का अवैध नेटवर्क था। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी खेप को सील कर अपने कब्जे में ले लिया।
एक्साइज और टैक्स चोरी की धाराओं में शिकंजा
गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग की लिखित शिकायत पर आरोपी विक्रम यादव के खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act), आईपीसी की प्रासंगिक धाराओं और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि पॉश सोसाइटी के इस फ्लैट में इतनी बड़ी मात्रा में महंगी विदेशी शराब कहां से लाई जा रही थी और दिल्ली-एनसीआर के किन-किन पब, बार या रसूखदार लोगों को इसकी होम डिलीवरी की जानी थी। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के पीछे कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।