राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की, बोले- दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं
Jun 19, 2026 3:54 PM
अयोध्या: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा राशि में कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद रामलला के दर्शन किए। इस दौरान आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर कोई अपराधी है तो वह चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने रामभक्तों से धैर्य रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वही आज इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए अतीत में कई प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज रामभक्तों की चिंता का दावा कर रहे हैं, जबकि इतिहास में उनके रुख सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय जांच प्रक्रिया को पूरा होने देना चाहिए।
एसआईटी जांच पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करेगी। उन्होंने कहा कि किसी के पास यदि कोई साक्ष्य या जानकारी है तो उसे सार्वजनिक बयान देने के बजाय सीधे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराना चाहिए। योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा और संयम का संदेश दिया है। इसलिए सभी लोगों को भी जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखना चाहिए।
राम मंदिर में चढ़ावा राशि को लेकर विवाद उस समय सामने आया जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने दावा किया कि मंदिर में करोड़ों रुपए की चोरी हुई है। इसके बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले में जांच की मांग उठाई थी। विवाद बढ़ने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि उनके स्तर पर ऐसी किसी चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
अब तक क्या-क्या सामने आया
मामले में अब तक लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू सहित पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक करीब 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की जा चुकी है। संबंधित लोगों का संबंध दान राशि की गिनती और उससे जुड़े कार्यों से बताया जा रहा है। 13 जून को ट्रस्ट कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और उससे जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
एसआईटी ने जांच के पहले चार दिनों में ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, नोट गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की। महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और अन्य संबंधित लोगों से कई घंटों तक सवाल-जवाब किए गए। जांच टीम ने बैंक रिकॉर्ड, दान राशि की गिनती, उसके रख-रखाव और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया की भी पड़ताल की। साथ ही विभिन्न व्यक्तियों के बयानों का आपस में मिलान कर तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया गया। फिलहाल एसआईटी जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।