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Ayodhya Ram Navami Surya Tilak: रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक, 9 मिनट तक ललाट पर पड़ी किरणें

Mar 27, 2026 3:28 PM

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का भव्य सूर्य तिलक किया गया। इस दौरान करीब 9 मिनट तक सूर्य की विशेष किरणें भगवान रामलला के ललाट पर पड़ीं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा अवसर है जब सूर्य तिलक संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन को देशभर में श्रद्धालुओं ने देखा, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसका सीधा प्रसारण देखा। इस मौके पर मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे अयोध्या शहर में आस्था का माहौल देखने को मिला।

सूर्य तिलक का धार्मिक महत्व

सूर्य तिलक को भगवान राम के जन्म क्षण का प्रतीक माना जाता है। जैसे ही सूर्य की किरणें भगवान के मस्तक पर पड़ीं, इसे रामलला के जन्म का संकेत माना गया। इस दौरान गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा और आरती की। तिलक के तुरंत बाद मंदिर के पट कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए, ताकि विशेष पूजा संपन्न की जा सके।

विशेष तकनीक से पहुंचीं किरणें

रामलला के सूर्य तिलक के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। अष्टधातु के 20 पाइपों से करीब 65 फीट लंबा एक विशेष स्ट्रक्चर तैयार किया गया। इसके साथ ही 4 लेंस और 4 दर्पणों की मदद से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक पहुंचाया गया। इस वैज्ञानिक व्यवस्था के जरिए सटीक समय पर किरणें भगवान के मस्तक पर केंद्रित की गईं।

भव्य सजावट और पूजा

रामनवमी के अवसर पर गर्भगृह को सुंदर फूलों से सजाया गया। सुबह 5:30 बजे भगवान रामलला को स्वर्ण जड़ित पीतांबर पहनाया गया और इसके बाद आरती की गई। सूर्य तिलक के पश्चात भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दी।

दर्शन का समय बढ़ाया गया

रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ा दिया गया। आम दिनों की तुलना में भक्तों को तीन घंटे अधिक समय दिया गया। सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक, यानी कुल 18 घंटे तक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सके, जबकि सामान्य दिनों में दर्शन का समय सुबह 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक होता है।

अयोध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुसार, इस खास अवसर पर अयोध्या में करीब 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर लंबी कतारें देखी गईं। पूरे शहर में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

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