Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में सोते समय 12 साल के बच्चे को कोबरा ने डसा, सुबह बेड से निकला 3 फीट लंबा सांप
कुरुक्षेत्र में सोते समय 12 साल के बच्चे को कोबरा ने डसा, सुबह बेड से निकला 3 फीट लंबा सांप
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के लाडवा क्षेत्र के गोबिंदगढ़ गांव में रविवार की सुबह एक हंसते-खेलते परिवार के लिए कयामत बनकर आई। 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले 12 साल के मासूम तनीश को क्या पता था कि जिस बिस्तर पर वह चैन की नींद सोने जा रहा है, वहीं मौत उसका इंतजार कर रही है। शनिवार रात करीब 2 बजे बिस्तर में घुसे एक जहरीले कोबरा सांप ने तनीश को डस लिया।
डसने के तुरंत बाद तनीश की नींद खुल गई। उसने परिजनों को तेज दर्द होने की बात बताई। उसे लगातार पसीना आ रहा था और उल्टी भी हुई। लेकिन बदकिस्मती से परिजनों में से कोई भी यह भांप नहीं सका कि मासूम को किसी जहरीले जीव ने काटा है। उन्हें लगा कि शायद अचानक खान-पान या पेट खराब होने से उसकी तबीयत बिगड़ी है। कुछ देर बाद दर्द थोड़ा कम होने पर तनीश दोबारा चादर तानकर सो गया, लेकिन वह नींद उसकी जिंदगी की आखिरी नींद साबित हुई।
सुबह काफी देर तक नहीं हिला शरीर, जांच की तो उड़ गए होश
सुबह जब काफी देर होने के बाद भी तनीश अपने कमरे से बाहर नहीं निकला, तो उसके पिता ओम प्रकाश उसे जगाने पहुंचे। काफी आवाजें देने और हिलाने-डुलाने के बावजूद जब बच्चे के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने जब तनीश के शरीर को ध्यान से देखा, तो उसके पैर पर सांप के डसने के साफ निशान नजर आए।
संदेह होने पर जब कमरे और बिस्तर की बारीकी से तलाशी ली गई, तो सभी के होश उड़ गए। बेड के अंदर ही करीब तीन फीट लंबा काले रंग का कोबरा दुबका बैठा था। आनन-फानन में परिजन तनीश को लेकर लाडवा के नागरिक अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया।
गांव में पसरा मातम, मां का रो-रोकर बुरा हाल
सरपंच पूजा देवी के पति जिले सिंह ने बताया कि तनीश उनके भतीजे ओम प्रकाश का मंझला बेटा था। वह अपनी बड़ी बहन शिवानी से छोटा और छोटे भाई अनीश से बड़ा था। पढ़ाई में होनहार और मिलनसार स्वभाव का तनीश पूरे परिवार का दुलारा था।
अचानक हुए इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। तनीश की मां सोमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेसुध हो रही हैं। गांव की सरपंच के पोते की इस तरह दर्दनाक मौत की खबर फैलते ही पूरे गोबिंदगढ़ गांव में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख नम नजर आई।
