August 2, 2026

Ladwa News: लाडवा में पंजाबी शिक्षकों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला, जाने NEP-2020 के नए शिक्षण गुरु

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Ladwa News: लाडवा में पंजाबी शिक्षकों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला, जाने NEP-2020 के नए शिक्षण गुरु

लाडवा में पंजाबी शिक्षकों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला, जाने NEP-2020 के नए शिक्षण गुरु

Ladwa News: लाडवा के प्रतिष्ठित संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल में पंजाबी विषय के अध्यापकों के व्यावसायिक विकास और शिक्षण कौशल को निखारने के उद्देश्य से दो दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य मकसद शिक्षकों को पंजाबी भाषा पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों, प्रभावी पद्धतियों और डिजिटल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से रूबरू कराना था, ताकि कक्षाओं में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाई जा सके।

कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक शब्द गायन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस मौके पर स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अमरजीत कौर संधू, रिसोर्स पर्सन संदीप कौर सिद्धू तथा राजिंदर सिंह कंबोज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अपने स्वागत भाषण में प्राचार्या अमरजीत कौर संधू ने कहा कि भाषा केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि किसी भी संस्कृति की आत्मा होती है। नई पीढ़ी तक पंजाबी भाषा की समृद्धि को पहुंचाने और इसे सशक्त बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

गतिविधि-आधारित शिक्षण और NEP-2020 के नए आयाम

दो दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में विषय विशेषज्ञ संदीप कौर सिद्धू और राजिंदर सिंह कंबोज ने अपने लंबे अनुभवों को शिक्षकों के साथ साझा किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप भाषा शिक्षण के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ R1, R2, R3 शिक्षण ढांचे पर विस्तार से चर्चा की।

विशेषज्ञों ने बताया कि केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय कक्षा को संवादात्मक (Interactive) कैसे बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने कहानी कथन (Storytelling), समूह चर्चा (Group Discussion), रोल प्ले (Role Play) और तकनीकी उपकरणों के प्रभावी उपयोग के कई व्यावहारिक उदाहरण पेश किए।

शिक्षकों ने दिए मॉडल लेसन, मिला रचनात्मक फीडबैक

इस कार्यशाला में भाग ले रहे शिक्षकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दो दिनों के दौरान विभिन्न समूह गतिविधियों, प्रस्तुतियों और परिचर्चाओं में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों ने स्वयं मॉडल पाठ (Model Lessons) प्रस्तुत किए, जिन पर रिसोर्स पर्सन्स ने बारीकी से समीक्षा करते हुए सुधार के लिए रचनात्मक सुझाव दिए।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्या श्रीमती अमरजीत कौर संधू ने दोनों रिसोर्स पर्सन्स का धन्यवाद व्यक्त करते हुए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल शिक्षकों की कार्यकुशलता बढ़ाते हैं, बल्कि छात्रों के समग्र विकास में भी मील का पत्थर साबित होते हैं। प्रतिभागी अध्यापकों ने इस आयोजन को बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की उम्मीद जताई।

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