Haryana News: सेवानिवृत्ति के दिन सीनियर IAS डॉ. डी. सुरेश को हाईकोर्ट से राहत, ACB की कस्टडी से पहले 7 दिन का नोटिस जरूरी

सेवानिवृत्ति के दिन सीनियर IAS डॉ. डी. सुरेश को हाईकोर्ट से राहत
Haryana News: हरियाणा कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. डी. सुरेश के लिए उनकी सेवानिवृत्ति का दिन कानूनी राहत लेकर आया। भ्रष्टाचार के एक मामले में घिरे डॉ. सुरेश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सोमवार, 31 अगस्त को बड़ी राहत मिल गई। अदालत ने गुरुग्राम एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर (FIR) के मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि यदि जांच के दौरान पुलिस या एसीबी को आईएएस अधिकारी की कस्टडी या गिरफ्तारी की आवश्यकता पड़ती है, तो उन्हें कम से कम 7 दिन पहले लिखित नोटिस देना होगा।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। सेवानिवृत्ति के ठीक पहले दर्ज हुई इस एफआईआर और उसके बाद मिली अदालती राहत ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं।
सेक्टर-39 में प्लॉट आवंटन का मामला, वकीलों ने प्रक्रियात्मक खामियों पर उठाए सवाल
मामला गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित प्लॉट नंबर 257-A के कथित गलत आवंटन से जुड़ा है। 23 जुलाई 2026 को जारी एक पत्र के आधार पर एसीबी गुरुग्राम ने डॉ. डी. सुरेश समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर संख्या 35 दर्ज की थी।
सोमवार को सुनवाई के दौरान डॉ. सुरेश के वकीलों ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए दलील दी कि जांच की मंजूरी प्रदान करते समय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा 3 सितंबर 2021 को जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) का पालन नहीं किया गया। वकीलों ने अदालत में आरोप लगाया कि 31 अगस्त 2026 को अधिकारी की सेवानिवृत्ति तय थी, और ठीक उससे पहले इस प्रकार की कार्रवाई उन्हें सेवानिवृत्ति के न्यायसंगत लाभों से वंचित करने तथा मानसिक रूप से परेशान करने की नीयत से की गई है।
सरकारी पक्ष का दावा: पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत हुई
दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील ने अदालत में एफआईआर की पूरी समयसीमा पेश करते हुए आरोपी पक्ष के आरोपों को खारिज किया। सरकारी वकील ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने की प्रशासनिक मंजूरी 29 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई थी। इसके बाद 3 अगस्त को फाइल विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम भेजी गई और 13 अगस्त को ड्राफ्ट मुख्यालय पहुंचा। 25 अगस्त को अंतिम मंजूरी मिलने के तुरंत बाद 26 अगस्त 2026 को नियमानुसार मामला दर्ज किया गया। सरकार की ओर से दावा किया गया कि जांच एजेंसी ने पूरी निष्पक्षता और नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई की है।
जानिए कौन हैं 1995 बैच के आईएएस अफसर डॉ. डी. सुरेश
12 अगस्त 1966 को आंध्र प्रदेश में जन्मे डॉ. डी. सुरेश हरियाणा कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) में परास्नातक डॉ. सुरेश का लोक प्रशासन में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रहा है।
अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने शहरी विकास, राजस्व, और शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण और जटिल विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। वर्तमान में वह हरियाणा सरकार के मत्स्य पालन विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे, जिसे उन्होंने 2024 की शुरुआत में संभाला था। 31 अगस्त 2026 को वे अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए हैं।
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