नांगल चौधरी की निशा जौहरी ने कुरुक्षेत्र में संस्कृत के श्लोकों से बढ़ाया क्षेत्र का मान

Naraunl : वरिष्ठ पत्रकार दलबीर जौहरी की बेटी निशा जौहरी ने कुरुक्षेत्र की धरती पर संस्कृत के श्लोकों का प्रभावी उच्चारण कर श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में तृतीय स्थान हासिल कर नांगल चौधरी का नाम रोशन किया है। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान की बी.ए.एम.एस. अंतिम वर्ष की छात्रा निशा ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संस्कृत-पालि एवं प्राकृत विभाग द्वारा आयोजित संस्कृत सप्ताह के दौरान हुई प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, गुरुकुलों और विद्यापीठों से आए प्रतिभागियों के बीच यह उपलब्धि हासिल की।
निशा की सफलता पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान और कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।विश्वविद्यालय ने भी उनकी उपलब्धि को सोशल मीडिया पर प्रमुखता से साझा किया।
निशा अपनी सफलता का श्रेय पिता दलबीर जौहरी और दादा गिरिराज जौहरी को देती हैं। उनका कहना है कि मंच पर आत्मविश्वास से अपनी बात रखना उन्होंने पिता से सीखा। पत्रकारिता के माहौल में पली-बढ़ी निशा ने शब्दों की ताकत और प्रभावी अभिव्यक्ति को बचपन से समझा।
निशा की इस उपलब्धि पंचायत समिति चेयरमैन धौली कर्मपाल यादव, नगरपालिका चेयरमैन प्रिया सैनी, पूर्व पंचायत समिति चेयरमैन प्रवीण चौधरी, भाजपा नेता रमेश तंवर और गौशाला के पूर्व प्रधान पंडित भवानीशंकर जोशी सहित अनेक लोगों ने बधाई दी।निशा की सफलता सिर्फ एक प्रतियोगिता में तीसरा स्थान नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो बेटियों को अवसर देती है। बी.ए.एम.एस. की पढ़ाई के साथ संस्कृत के शास्त्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाकर निशा ने साबित कर दिया कि नांगल चौधरी की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, उन्हें हकीकत में बदलकर अपनी माटी का मान भी बढ़ा रही हैं।
