Punjab News: अमृतसर में हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड, 6 पिस्तौल के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
Apr 14, 2026 1:18 PM
अमृतसर: अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पंजाब के अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह सीमा पार से हथियारों की खेप मंगवाकर उन्हें स्थानीय अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था। इस मामले में पुलिस ने अमृतसर के कैंटोनमेंट थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान आधारित हथियार तस्करों के संपर्क में थे। यह नेटवर्क डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। आरोपियों ने इसी माध्यम से हथियारों की डीलिंग की और उन्हें पंजाब में विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करने की योजना बनाई थी।
सीमा पार से मंगाए जाते थे हथियार
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरोह सीमा पार से हथियारों की खेप मंगवाता था। इन हथियारों को बाद में राज्य के आपराधिक तत्वों को बेचा जाता था, जिससे अपराध की घटनाओं को बढ़ावा मिलता था। बरामद की गई पिस्तौल भी इसी नेटवर्क के जरिए लाई गई थीं।
कैंटोनमेंट थाने में दर्ज हुआ केस
इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और पूरे गिरोह को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। तकनीकी और खुफिया एजेंसियों की मदद से इस नेटवर्क के आगे और पीछे के सभी लिंक को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस खुलासे के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से चल रहे इस तरह के अवैध नेटवर्क पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे संगठित अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाना है, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।