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पर्यावरण दिवस पर हरियाणा की पंचायतों में महामंथन: कल बुलाई गई विशेष ग्राम सभाएं, जानें क्या है सरकार का प्लान

Jun 04, 2026 4:12 PM

नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान (HIRD), नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस महाअभियान की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाना अब केवल सरकारी दफ्तरों के विज्ञापनों या कागजी कार्यवाहियों तक सीमित नहीं रह सकता। जब तक देश का आम नागरिक और विशेषकर ग्रामीण आबादी इसे अपना व्यक्तिगत दायित्व नहीं समझेगी, तब तक हम आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भविष्य नहीं दे पाएंगे। डॉ. चौहान ने बताया कि प्रदेश की सभी पंचायतों को इस संबंध में सख्त गाइडलाइंस जारी की जा चुकी हैं ताकि कोई भी गांव इस मंथन से अछूता न रहे। वह खुद इस अभियान की कमान संभालते हुए जिला यमुनानगर की चौपाल पर ग्रामीणों के बीच बैठेंगे और उन्हें जल संरक्षण तथा जनभागीदारी का पाठ पढ़ाएंगे।

चौपाल पर इन 5 गंभीर मुद्दों पर आर-पार की चर्चा

कल होने वाली इन विशेष ग्राम सभाओं का एजेंडा पहले से तय कर दिया गया है। सामान्य बैठकों से इतर इन सभाओं में मुख्य रूप से इन विषयों पर माथापच्ची होगी:

ठोस और तरल कचरा प्रबंधन: गांवों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का सही निपटारा कैसे हो।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर बैन: गांवों को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाना।

कचरे से कंचन (जैविक खाद): घरों और खेतों के कचरे को अलग-अलग करके उससे जैविक खाद बनाने की तकनीक पर चर्चा।

जल स्रोतों का जीर्णोद्धार: गांव के तालाबों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण की योजना।

इको-फ्रेंडली जीवनशैली: रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसी आदतें अपनाना जिससे पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे।

स्वच्छाग्रहियों और महिला मंडलों को सौंपी जिम्मेदारी

इस विशेष बैठक की सफलता के लिए केवल पंचायत प्रतिनिधियों (सरपंच और पंचों) पर ही भरोसा नहीं किया गया है। गांवों में काम करने वाले स्वयं सहायता समूहों (SHGs), स्वच्छाग्रहियों, युवा क्लबों, महिला मंडलों और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं को एक्टिव किया गया है। माना जा रहा है कि महिलाओं की भागीदारी से घर-घर तक कचरा अलग करने और पानी बचाने का संदेश ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

तकनीक की निगरानी में होगी ग्राम सभा

इस बार सरकार कागजी दावों को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सभी विभागीय फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम सभा की पूरी कार्यवाही का लाइव प्रलेखन (Documentation) करें। बैठक की तस्वीरें, छोटे वीडियो क्लिप और प्रस्ताव की कॉपी को उसी समय रिपोर्टिंग ऐप्स और 'पंचायत निर्णय पोर्टल' पर डालना होगा। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एक विशेष 'एसजीएसजे-डब्ल्यूईडी 2026' तकनीकी मॉड्यूल तैयार किया गया है, जहां पल-पल की अपडेट दर्ज होगी। उन्होंने प्रदेश के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे 5 जून को अपने गांव की चौपाल पर जरूर पहुंचें और अपनी आने वाली नस्लों की खातिर इस मुहिम का हिस्सा बनें।

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