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Punjab News: पंजाब पुलिस की नशा तस्करी पर बड़ी कार्यवाही, ₹450 करोड़ की हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार

Apr 18, 2026 1:26 PM

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹450 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई स्पेशल स्टेट ऑपरेशंस सेल (SSOC) अमृतसर और पंजाब काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। इस ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें अमृतसर जिले के गांव माहल के पास ड्रग्स के साथ पकड़ा गया।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ा खुलासा

पंजाब पुलिस की विशेष इकाइयों ने लंबे समय से चल रही निगरानी के बाद इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों के मुताबिक यह नेटवर्क सीमा पार से नशे की खेप मंगाकर पंजाब के जरिए अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। कार्रवाई के दौरान बरामद हेरोइन की मात्रा हाल के समय में पकड़ी गई बड़ी खेपों में से एक मानी जा रही है।

पाकिस्तान कनेक्शन और विदेशी हैंडलर्स

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार विदेश में बैठे हैंडलर्स और पाकिस्तान के मूसा गैंग से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि सीमा पार से ड्रग्स की सप्लाई किस तरह की जा रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

गांव माहल के पास हुई गिरफ्तारी

अमृतसर जिले के गांव माहल के पास पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई, जिसे आगे सप्लाई किए जाने की तैयारी थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

DGP का बयान और जांच तेज

गौरव यादव ने बताया कि पुलिस स्टेशन SSOC अमृतसर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करना है, ताकि नशा तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का असर

पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान’ के तहत राज्यभर में नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई दोनों तेज की गई हैं। दूसरे चरण में हर जिले में रैलियां और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा सके।

गांव स्तर पर युवाओं की भागीदारी

सरकार अब ग्रामीण स्तर पर युवाओं को ‘पिंडां दे पहरेदार’ बनाकर इस अभियान में शामिल कर रही है। इसका उद्देश्य गांवों में नशा बेचने और करने वालों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर तस्करी को रोका जा सके और समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

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