अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी की कोशिश नाकाम: कर्मभूमि एक्सप्रेस से 6 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू
Mar 27, 2026 3:24 PM
अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सूचना के आधार पर जिला युवा विकास संगठन की टीम ने रेलवे पुलिस के साथ मिलकर कर्मभूमि एक्सप्रेस के डिब्बों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। दिल्ली के 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' एलायंस ग्रुप से मिली सटीक जानकारी के बाद की गई इस कार्रवाई में 6 ऐसे नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया, जिनके हाथों में किताबों की जगह मजदूरी के औजार थमाने की तैयारी थी। इन सभी बच्चों की उम्र महज 14 से 15 साल के बीच है।
पश्चिम बंगाल और बिहार से पंजाब तक फैला जाल
संगठन के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में इन बच्चों के तार पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़े पाए गए हैं। गिरोह के सदस्य इन्हें पंजाब के विभिन्न शहरों में स्थित पोल्ट्री फार्मों में काम करवाने के लिए ले जा रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इन बच्चों को महज 8 से 12 हजार रुपये के मासिक वेतन का लालच दिया गया था। रेस्क्यू किए गए बच्चों में से कुछ पहले भी गरीबी के चलते घर छोड़कर मजदूरी कर चुके हैं, जबकि कुछ पहली बार इस दलदल में फंसने जा रहे थे।
शिक्षा छूटी, अब 'सेफ हाउस' में कटेगी रात
पूछताछ में यह दुखद पहलू भी सामने आया कि इन सभी बच्चों ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है। फिलहाल, बच्चों को चाइल्ड लाइन की निगरानी में सुरक्षित स्थान (सेफ हाउस) पर रखा गया है और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को सौंप दी गई है। जिला प्रशासन अब इन बच्चों के परिजनों के अंबाला पहुंचने का इंतजार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की गहन जांच और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही बच्चों को सुपुर्द किया जाएगा।
रेल मार्ग बने तस्करी के कॉरिडोर?
अंबाला कैंट स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई एक बार फिर उस कड़वी हकीकत को उजागर करती है कि लंबी दूरी की ट्रेनें बाल तस्करों के लिए आसान जरिया बनती जा रही हैं। हालांकि पुलिस अब उन बिचौलियों की तलाश में है जो इन मासूमों को पंजाब के पोल्ट्री फार्म संचालकों तक 'सप्लाई' करने वाले थे। जीआरपी और आरपीएफ ने स्टेशन पर गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध यात्रियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।